Goel Food Products ने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी के रेवेन्यू में **10%** और प्रॉफिट में **44%** की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी पर उधार सीमा के उल्लंघन का भी आरोप है और वह शेयरधारकों से मंज़ूरी लेने की कोशिश कर रही है।
Goel Food Products का प्रदर्शन क्यों गिरा?
Goel Food Products Ltd. ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा की है, जिसमें कंपनी के प्रदर्शन में गिरावट साफ़ नज़र आ रही है। कंपनी का रेवेन्यू ₹21.91 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹24.52 करोड़ की तुलना में 10.6% कम है। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) भी काफी घटकर ₹2.82 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹5.06 करोड़ था। नतीजतन, प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹2.68 से गिरकर ₹1.50 हो गई।
निवेशकों के लिए चिंता का सबब
यह आंकड़े कंपनी के लिए मुश्किल भरे साल का संकेत देते हैं। निवेशकों के लिए रेवेन्यू और मुनाफे में लगातार गिरावट चिंता का विषय है। इससे भी बड़ी बात यह है कि कंपनी ने कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 180(1)(c) के तहत उधार की सीमा का पालन नहीं किया है, जिससे नियामक जोखिम (Regulatory Risk) बढ़ सकता है।
आगे की रणनीति और AGM
इस बीच, कंपनी अपनी एसेट यूटिलाइजेशन (Asset Utilization) को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ऑफ-सीजन में छोटी पार्टियों जैसे कि किटी पार्टी और जन्मदिन समारोहों पर ध्यान केंद्रित करके पीक-सीज़न की बुकिंग पर निर्भरता कम करने की रणनीति अपनाई जा रही है।
अब Goel Food Products अपने आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों से एक विशेष प्रस्ताव (Special Resolution) के ज़रिए उन उधारों को मंज़ूरी दिलाने की कोशिश कर रही है, जो निर्धारित सीमा से ज़्यादा थे। इसके अलावा, बोर्ड धारा 186 के तहत भविष्य के विस्तार को आसान बनाने के लिए ऋण, गारंटी और निवेश की सीमा को ₹50 करोड़ तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी रख रहा है। कंपनी ने कोई डिविडेंड (Dividend) नहीं देने का फैसला किया है और मुनाफे को दोबारा व्यवसाय में निवेश करने की योजना है।
मुख्य जोखिम
सबसे बड़ा जोखिम AGM में उधारों को मंज़ूरी मिलने या न मिलने का है। यदि प्रस्ताव पारित नहीं होता है, तो अतिरिक्त उधार राशि वापस करनी पड़ सकती है और कंपनी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, वित्तीय प्रदर्शन में निरंतर गिरावट भी एक बड़ी चिंता बनी हुई है।
