Godfrey Phillips India का बड़ा कदम: 9 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग डील
Godfrey Phillips India Limited (GPI) ने Polisetty Somasundaram Tobacco Products (India) Pvt. Ltd. (Polisetty) के साथ एक महत्वपूर्ण 9 साल की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत, Polisetty विशेष रूप से GPI के लिए सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों का निर्माण करेगी।
समझौते की मुख्य बातें:
- Polisetty अगले 12 महीनों के भीतर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करेगी और जरूरी लाइसेंस प्राप्त करेगी।
- यह एग्रीमेंट शुरू में 9 साल के लिए वैध रहेगा।
- GPI, Polisetty को मशीनरी और उपकरण भी उपलब्ध करा सकती है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह डील?
यह रणनीतिक कदम GPI की प्रोडक्शन क्षमता को बढ़ाने और उत्पादों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके जरिए कंपनी अपनी खुद की सुविधाओं से परे, एक समर्पित थर्ड-पार्टी पार्टनर के माध्यम से उत्पादन का विस्तार कर सकेगी, जिससे सप्लाई चेन को स्थिरता मिलने की उम्मीद है।
Polisetty का फाइनेंशियल हाल
इस डील से पहले, Polisetty ने 31 मार्च 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में ₹1.86 करोड़ का रेवेन्यू और ₹1.64 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) दर्ज किया था। यह दर्शाता है कि Polisetty, Godfrey Phillips India की तुलना में एक छोटी कंपनी है।
अब क्या होगा?
GPI अब अपने उत्पादों के लिए Polisetty की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं का लाभ उठाएगी। कंपनी Polisetty को मैन्युफैक्चरिंग शुल्क का भुगतान करेगी, जिसमें फिक्स्ड और वेरिएबल दोनों कंपोनेंट्स शामिल होंगे।
निवेश पर असर
निवेशकों को Polisetty द्वारा निर्धारित 12 महीने की समय-सीमा के भीतर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की स्थापना पर नजर रखनी चाहिए। किसी भी देरी से प्रोडक्शन बढ़ाने के कंपनी के इरादों पर असर पड़ सकता है।
