Go Fashion (India) के लिए चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही चुनौतीपूर्ण रही। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के **₹21.80 करोड़** से घटकर **₹8.97 करोड़** रह गया है। रेवेन्यू में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण स्टोर कंसोलिडेशन की प्रक्रिया के तहत हुआ **₹9.88 करोड़** का एसेट राइट-ऑफ है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी के वित्तीय परिणामों पर स्टोर रेशनलाइजेशन (Store Rationalization) का भारी दबाव दिखा है। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए कंपनी का रेवेन्यू घटकर ₹217.59 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹224.17 करोड़ था। कंपनी के बॉटम लाइन पर इसका सीधा असर दिखा है, जिससे बेसिक EPS भी घटकर 1.70 रह गया है, जो पिछले साल 4.04 था।
स्टोर कंसोलिडेशन का असर
कंपनी ने अपने रिटेल फुटप्रिंट को बेहतर बनाने के लिए स्टोर कंसोलिडेशन का रास्ता अपनाया है। इस प्रक्रिया के दौरान कंपनी ने ₹9.88 करोड़ का एकमुश्त एसेट राइट-ऑफ (Asset Write-off) किया है। हालांकि यह एक अकाउंटिंग इम्पैक्ट है, लेकिन इसने शॉर्ट-टर्म में मार्जिन को काफी प्रभावित किया है।
आगे की राह (Outlook)
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या यह रणनीति आने वाली तिमाहियों में ऑपरेटिंग कॉस्ट कम करने में सफल होगी। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) भी पिछले साल के ₹29 करोड़ से घटकर ₹12.13 करोड़ पर आ गया है। अब मार्केट की नजर मैनेजमेंट की उस कमेंट्री पर है जिसमें यह साफ होगा कि क्या नेटवर्क का पुनर्गठन कंपनी को भविष्य में ज्यादा प्रॉफिटेबल बनाएगा या अभी और खर्च होने की संभावना है।
