Globus Spirits लिमिटेड ने अपने 33वें एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की तारीख का ऐलान कर दिया है, जो 15 सितंबर 2026 को होगी। कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपने प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में शानदार उछाल दर्ज किया है, जो ₹21.92 करोड़ से बढ़कर ₹94.89 करोड़ हो गया है। AGM में मैनेजिंग डायरेक्टर की री-अपॉइंटमेंट और ESOP जैसे अहम प्रस्तावों पर वोटिंग होगी।
Globus Spirits की 33वीं AGM 15 सितंबर 2026 को
Globus Spirits लिमिटेड ने अपने शेयरधारकों के लिए एक अहम ऐलान किया है। कंपनी अपनी 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 15 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे आयोजित करेगी। यह मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यमों से होगी।
मुनाफे में 4 गुना से ज्यादा का उछाल
कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में इसका प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) जबरदस्त बढ़ा है। पिछले साल ₹21.92 करोड़ के मुकाबले इस साल कंपनी ने ₹94.89 करोड़ का PAT दर्ज किया है, जो कि 4 गुना से भी ज्यादा की वृद्धि है। वहीं, सेल्स में भी मामूली बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹3,519.33 करोड़ से बढ़कर ₹3,609.01 करोड़ हो गई। कंपनी की कुल इनकम ₹3,621.85 करोड़ रही।
AGM में क्या होगा खास?
AGM में शेयरधारकों को कई अहम फैसलों पर अपनी राय देनी होगी। इनमें मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) श्री अजय कुमार स्वरूप का 5 साल के लिए, 1 दिसंबर 2026 से प्रभावी, री-अपॉइंटमेंट शामिल है। इसके अलावा, प्रमुख मैनेजमेंट कर्मियों के रेमुनरेशन (वेतन) और ESOP 2025-A प्लान को भी मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इस ESOP प्लान के तहत 2,90,679 ऑप्शन जारी किए जा सकते हैं, जिससे नए शेयर जारी होने की संभावना है।
निवेशकों के लिए क्या है जोखिम?
हालांकि, कंपनी के शानदार नतीजे निवेशकों के लिए खुशखबरी हैं, लेकिन प्रस्तावित ESOP योजना से शेयरों के डाइल्यूशन (शेयरों की संख्या बढ़ने) का खतरा बना हुआ है। कर्मचारियों को प्रेरित करने के लिए लाए जा रहे इस प्लान को इस तरह से संतुलित करना होगा कि शेयरधारकों के हितों को नुकसान न पहुंचे। यह भी देखना अहम होगा कि FY26 में दर्ज की गई यह बढ़ी हुई प्रॉफिटेबिलिटी आगे भी बनी रहती है या नहीं।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को AGM के नतीजों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए, खासकर मैनेजमेंट की नियुक्ति और ESOP योजना पर होने वाली वोटिंग पर। साथ ही, कंपनी की इस बढ़ी हुई प्रॉफिटेबिलिटी को बनाए रखने की क्षमता पर भी ध्यान देना होगा।
