Gayatri Sugars ने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **9%** बढ़कर **₹366.38 करोड़** पहुंच गया है, हालांकि नेट प्रॉफिट में थोड़ी कमी आई है। एक बड़े लैंड रिवैल्यूएशन (Land Revaluation) के चलते कंपनी की टोटल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम में बड़ा उछाल दिखा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Gayatri Sugars ने अपनी 31वीं एनुअल रिपोर्ट में बताया कि उनका रेवेन्यू पिछले साल के ₹336.11 करोड़ से बढ़कर ₹366.38 करोड़ हो गया है। कंपनी ने 7.17 लाख टन गन्ने की पेराई की है, जिससे 7.85 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है। कंपनी का रिकवरी रेट 10.96% रहा है। हालांकि, नेट प्रॉफिट ₹1.01 करोड़ रहा है, जो पिछले साल ₹1.07 करोड़ था।
ऑडिट पर विवाद (Audit Qualification)
कंपनी के लिए एक अहम चिंता का विषय ऑडिटर्स की रिपोर्ट है। M/s. MOS & Associates LLP ने ₹2.84 करोड़ के इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी क्लेम को लेकर क्वालिफाइड ओपिनियन (Qualified Opinion) दी है। कंपनी इसे एक 'कंटिंजेंट लायबिलिटी' (Contingent Liability) मान रही है, जबकि ऑडिटर्स का सुझाव है कि इसके लिए प्रोविजनिंग की जानी चाहिए। यह शेयरधारकों के लिए भविष्य के संभावित खर्च के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
एसेट रिवैल्यूएशन का असर
FY26 के नतीजों में एक बड़ा बदलाव लैंड रिवैल्यूएशन है, जिससे कंपनी को ₹240.05 करोड़ का गेन हुआ है। इसे 'अदर कॉम्प्रिहेंसिव इनकम' में दिखाया गया है, जिससे इक्विटी और टोटल कॉम्प्रिहेंसिव इनकम ₹166.21 करोड़ तक पहुंच गई है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह अकाउंटिंग का हिस्सा है और इससे कंपनी के कोर ऑपरेटिंग कैश फ्लो पर कोई सीधा असर नहीं पड़ता है।
आगे क्या करें?
कंपनी की 31वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 29 सितंबर, 2026 को होनी है। निवेशकों को कंपनी के इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी विवाद और मार्जिन मैनेजमेंट पर मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नजर रखनी चाहिए।
