GKB Ophthalmics की 44वीं AGM में निवेशकों को निराशा हाथ लगी है। कंपनी ने भारी नुकसान के चलते इस फाइनेंशियल ईयर के लिए कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
फाइनेंशियल चुनौतियों का दौर
कंपनी ने अपनी 44वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में इस बात पर मुहर लगा दी है कि फिलहाल कोई भी डिविडेंड नहीं दिया जाएगा। इसके पीछे मुख्य वजह ऑपरेटिंग लॉस (Operating Loss) है। बोर्ड ने साफ किया कि ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल तनाव और रॉ-मटेरियल की बढ़ती कीमतों ने कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर गहरा असर डाला है।
मैनेजमेंट का बड़ा कदम
कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति को संभालने के लिए के.जी. गुप्ता (K.G. Gupta) ने एक बड़ा उदाहरण पेश किया है। उन्होंने 1 जनवरी 2026 से अपनी ₹3.60 लाख की मासिक बेसिक सैलरी को स्वेच्छा से छोड़ने का फैसला किया है। AGM में के.जी. गुप्ता को चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में अगले 3 साल के लिए, जबकि सेड्रिक लोबो (Cedric Lobo) को होल-टाइम डायरेक्टर के रूप में 2 साल के लिए फिर से नियुक्त किया गया है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस में बदलाव
बड़ी बात यह है कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 से GKB Ophthalmics पर कुछ अनिवार्य कॉर्पोरेट गवर्नेंस नियम लागू नहीं होंगे। ऐसा इसलिए है क्योंकि कंपनी की पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹10 करोड़ और नेट वर्थ ₹25 करोड़ के रेगुलेटरी थ्रेशोल्ड से नीचे आ गई है। साथ ही, कंपनी ने GKB Vision Private Limited और Lensco के साथ ₹42 करोड़ तक के रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन (RPT) की मंजूरी भी दे दी है।
