Foods & Inns ने FY26 के अपने नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹31.36 करोड़** पर आ गया है, वहीं रेवेन्यू **₹850.01 करोड़** दर्ज किया गया है। हालांकि, मुनाफे में कमी के बावजूद कंपनी ने **₹0.30** प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है।
मुनाफे में गिरावट, फिर भी उम्मीद बाकी
बीता फाइनेंशियल ईयर कंपनी के लिए टॉप-लाइन ग्रोथ के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहा। जहां कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹972.92 करोड़ से घटकर ₹850.01 करोड़ रह गया, वहीं नेट प्रॉफिट भी ₹44.73 करोड़ से कम होकर ₹31.36 करोड़ पर आ गया है। इस कमजोरी के बीच कंपनी ने अपने निवेशकों को खुश करने के लिए ₹0.30 प्रति शेयर डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा है, जिसे सितंबर में होने वाली AGM में मंजूरी दी जाएगी।
PLI और नए सेगमेंट से मिल रहा सपोर्ट
मुनाफे में गिरावट के बावजूद कुछ सेक्टर कंपनी के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहे हैं। कंपनी ने सरकारी PLI स्कीम के तहत ₹33.86 करोड़ की राशि प्राप्त की है, जिससे लिक्विडिटी को मजबूती मिली है। इसके अलावा, कंपनी ने चित्तूर में अपनी पेक्टिन (Pectin) फैसिलिटी शुरू कर दी है, जो आयात को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बिजनेस के मुख्य हाइलाइट्स
- फ्रोजन फूड्स: अमेरिका जैसे बाजारों में विस्तार की बदौलत इस सेगमेंट में 28% की शानदार वॉल्यूम ग्रोथ देखने को मिली है।
- कैपेसिटी: कंपनी अपनी स्प्रे-ड्राइंग क्षमता में 120 MTPA का इजाफा कर रही है।
- सस्टेनेबिलिटी: वंकल और गोंडे की फैसिलिटीज में अब सोलर पावर का इस्तेमाल शुरू हो गया है।
इंटरनल कंट्रोल पर नजर
ऑडिट रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि कंपनी के अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में 'ऑडिट ट्रेल' फीचर डेटाबेस लेवल पर इनेबल्ड नहीं था। हालांकि मैनेजमेंट ने सफाई दी है कि कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है, लेकिन शेयरधारकों को इंटरनल कंट्रोल के नजरिए से इस पर गौर करना चाहिए।
अगले कुछ महीनों में, निवेशकों को वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट और नई पेक्टिन फैसिलिटी की स्केल-अप क्षमता पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
