Flex Foods ने वितीय साल 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में 28% की जोरदार उछाल देखने को मिली है और यह ₹191.89 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, कंपनी को अभी भी ₹31.79 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। अच्छी खबर यह है कि EBITDA पॉजिटिव हो गया है, लेकिन बढ़ता डेट-इक्विटी रेशियो और फॉरेन एक्सचेंज का रिस्क चिंता का विषय बना हुआ है।
Flex Foods के नतीजों पर एक नज़र
Flex Foods ने वितीय साल 2025-26 के लिए अपने ऑपरेशन से ₹191.89 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। यह पिछले वितीय साल के ₹150.01 करोड़ के मुकाबले लगभग 28% की बड़ी बढ़ोतरी है। रेवेन्यू में इस उछाल के बावजूद, कंपनी को FY26 में ₹31.79 करोड़ का नेट लॉस हुआ, जो पिछले वितीय साल के ₹32.50 करोड़ के लॉस से मामूली सुधार है। वहीं, EBITDA में सुधार देखा गया है और यह पिछले साल के नेगेटिव ₹3.75 करोड़ से बढ़कर ₹1.02 करोड़ हो गया है।
यह क्यों मायने रखता है?
रेवेन्यू में यह मजबूत बढ़ोतरी बाज़ार की बढ़ती मांग या कंपनी की बिक्री की रणनीतियों की सफलता को दर्शाती है। लेकिन, लगातार हो रहा नेट लॉस और डेट-इक्विटी रेशियो में भारी बढ़ोतरी कंपनी की वित्तीय सेहत पर सवाल खड़े करती है। यह भविष्य में मुनाफे और निवेशकों के रिटर्न को प्रभावित कर सकता है।
कंपनी की पिछली कहानी
Flex Foods लगातार चुनौतीपूर्ण वित्तीय हालातों से जूझ रही है। कंपनी ने अपने कृष्णगिरी प्रोजेक्ट के लिए प्रमोटर ग्रुप से असुरक्षित लोन लिया है, जिसने कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़ाया है।
अब क्या बदलेगा?
पॉजिटिव EBITDA एक अच्छा संकेत है, लेकिन कंपनी को स्थायी मुनाफे के लिए अपने फाइनेंस कॉस्ट और करेंसी के रिस्क को कम करना होगा। बढ़ते कर्ज को सावधानी से मैनेज करने की ज़रूरत है ताकि वित्तीय दबाव और न बढ़े।
ध्यान रखने योग्य खतरे
Flex Foods फॉरेन एक्सचेंज के रिस्क का सामना कर रही है, क्योंकि उसने करेंसी के उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए हेजिंग नहीं की है। खासकर चीन जैसे एशियाई मैन्युफैक्चरर्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण प्रोडक्ट की कीमतों और मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो बढ़कर 33.36 हो गया है, जो कि बहुत अधिक कर्ज को दर्शाता है (FY25 में यह 6.71 था)।
आगे क्या देखें?
निवेशक कंपनी द्वारा मुनाफे को बढ़ाने, फाइनेंस कॉस्ट को कम करने, फॉरेन एक्सचेंज एक्सपोजर को मैनेज करने और बैलेंस शीट से कर्ज घटाने की रणनीतियों पर नज़र रखेंगे। इन मोर्चों पर कंपनी की प्रगति उसके वित्तीय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होगी।
