Eveready Share Price: निवेशकों को बड़ी खुशखबरी! कंपनी ने Q1 FY27 में किया **22.3%** मुनाफे का इजाफा

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AuthorMehul Desai|Published at:
Eveready Share Price: निवेशकों को बड़ी खुशखबरी! कंपनी ने Q1 FY27 में किया **22.3%** मुनाफे का इजाफा

Eveready Industries ने Q1 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का मुनाफा **22.3%** बढ़कर **₹37 करोड़** हो गया है। वहीं, रेवेन्यू में **9%** की बढ़ोतरी के साथ यह **₹407.7 करोड़** रहा।

Eveready Industries के Q1 FY27 नतीजे

Eveready Industries ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने नतीजे घोषित किए हैं। इस तिमाही में कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 22.3% का शानदार उछाल आया है और यह ₹37 करोड़ पर पहुंच गया है। इसी दौरान, कंपनी का रेवेन्यू 9% बढ़कर ₹407.7 करोड़ दर्ज किया गया।

मुख्य बातें और निवेशकों के लिए क्या है खास

कंपनी ने 15.1% के EBITDA मार्जिन को बनाए रखने में कामयाबी हासिल की है, भले ही कच्चे माल, जैसे जिंक, की कीमतों में बढ़ोतरी हुई हो। यह Eveready के लिए लगातार सातवीं तिमाही है जब कंपनी ने साल-दर-साल रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है।

कंपनी की रणनीतिक पहल

Eveready अपने मुख्य बैटरी बिजनेस को मजबूत करने और अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में विविधता लाने पर काम कर रही है। कंपनी खास तौर पर अल्कलाइन बैटरी सेगमेंट पर जोर दे रही है, जिसका लक्ष्य इस कैटेगरी में मार्केट शेयर को बढ़ाना है। इसी कड़ी में, कंपनी की नई जम्मू स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट 29 मई, 2026 से चालू हो गई है। यह यूनिट क्षमता बढ़ाने, ऑपरेटिंग लिवरेज को बेहतर बनाने और नए बाजारों तक पहुंचने की कंपनी की रणनीति का अहम हिस्सा है।

आगे क्या उम्मीदें?

जम्मू यूनिट से अल्कलाइन बैटरी बिजनेस को बड़े पैमाने पर उत्पादन, लचीलेपन और सप्लाई चेन की मजबूती मिलेगी। इससे कंपनी को अगले दो साल में अल्कलाइन बैटरी सेगमेंट में 25-30% मार्केट शेयर हासिल करने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद मिलेगी। कंपनी के लाइटिंग बिजनेस ने भी ब्रेक-इवन हासिल कर लिया है और अब प्रीमियम LED प्रोडक्ट्स और इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। कंपनी अगले 4 से 5 तिमाहियों में कर्ज-मुक्त होने की उम्मीद कर रही है, क्योंकि वर्तमान में कंपनी पर लगभग ₹165 करोड़ का कर्ज है।

ध्यान देने योग्य जोखिम

मैनेजमेंट ने जिंक की ऊंची कीमतों, जो फिलहाल लगभग $3,500 प्रति टन है, को लेकर चिंता जताई है। यदि यह महंगाई जारी रहती है, तो कीमतों या मार्जिन में और समायोजन की आवश्यकता हो सकती है। कंपनी रेगुलेटरी मामलों, जैसे EPR कंप्लायंस और सितंबर में होने वाली कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की सुनवाई, से भी निपट रही है। इसके अलावा, पारंपरिक फ्लैशलाइट बिजनेस मौसमी मांग पैटर्न के प्रति संवेदनशील है, जैसा कि देर से मानसून के कारण Q1 के रेवेन्यू पर प्रभाव देखा गया।

भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बातें

निवेशक नई जम्मू फैसिलिटी के प्रदर्शन, वहां GST सब्सिडी की मंजूरी की प्रगति और CCI सुनवाई के नतीजों पर करीब से नजर रखेंगे। कंपनी की प्रबंधन क्षमता, कीमतों और परिचालन दक्षता के माध्यम से जिंक लागत मुद्रास्फीति को प्रबंधित करने में, महत्वपूर्ण होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.