Eveready Industries ने शानदार नतीजे पेश किए हैं! कंपनी का FY26 के लिए नेट प्रॉफिट (PAT) **108%** बढ़कर **₹171.23 करोड़** रहा। साथ ही, कंपनी ने जम्मू में **₹200 करोड़** का नया अल्कालाइन बैटरी प्लांट शुरू कर दिया है, जिससे प्रोडक्शन क्षमता बढ़ेगी और इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी।
Eveready Industries का शानदार प्रदर्शन: FY26 में मुनाफा 108% बढ़ा
Eveready Industries India Ltd ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जो काफी दमदार हैं। कंपनी के नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में पिछले साल के मुकाबले 107.85% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो ₹82.38 करोड़ से बढ़कर ₹171.23 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 8.2% की बढ़त दर्ज की गई, जो ₹1,343.92 करोड़ से बढ़कर ₹1,454.61 करोड़ हो गया।
क्यों है यह खबर अहम?
मुनाफे में यह भारी उछाल कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कॉस्ट मैनेजमेंट को दर्शाता है। इसके अलावा, जम्मू में ₹200 करोड़ की लागत से नया ग्रीनफील्ड अल्कालाइन बैटरी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू होना एक बड़ा स्ट्रेटेजिक कदम है। इससे कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ेगी और इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी, जो लंबे समय के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
कंपनी की बैकस्टोरी
Eveready कार्बन-जिंक बैटरी सेगमेंट में अपनी मार्केट लीडरशिप बनाए हुए है, जहां उसका मार्केट शेयर 58.4% है। वहीं, अल्कालाइन बैटरी सेगमेंट में भी कंपनी ने अपनी मौजूदगी 16.5% तक बढ़ा ली है। कंपनी का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क काफी मजबूत है, जो देश भर में 45 लाख से ज्यादा रिटेल आउटलेट्स तक फैला हुआ है।
अब क्या बदलेगा?
जम्मू में शुरू हुआ नया प्लांट, जिसकी सालाना कैपेसिटी 456 मिलियन यूनिट है, कंपनी की प्रीमियमाइजेशन स्ट्रेटेजी को सपोर्ट करेगा। Eveready ने अपने ऑपरेशन को और सुव्यवस्थित करने के लिए नोएडा फैसिलिटी से बाहर निकलने का फैसला किया है, ताकि अपने रिसोर्सेज को हाई-पोटेंशियल यूनिट्स पर फोकस किया जा सके।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
निवेशकों को रॉ मैटेरियल्स जैसे जिंक की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव और फॉरेन एक्सचेंज रेट में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी चाहिए। LED लाइटिंग और फ्लैशलाइट सेगमेंट में अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर से कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण प्राइसिंग प्रेशर भी एक चिंता का विषय है।
आगे क्या देखना है?
निवेशक अब नए जम्मू अल्कालाइन बैटरी प्लांट के परफॉरमेंस और प्रोडक्शन रैंप-अप पर बारीकी से नजर रखेंगे। इसके साथ ही, कंपनी की इनपुट कॉस्ट को मैनेज करने और अन्य प्रोडक्ट सेगमेंट में प्रतिस्पर्धी कीमतों से निपटने की क्षमता पर भी नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
