EPACK Durable शेयर में तूफानी तेजी! Q1 में रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹886 करोड़, कंपनी ने बदली रणनीति

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
EPACK Durable शेयर में तूफानी तेजी! Q1 में रेवेन्यू 34% बढ़कर ₹886 करोड़, कंपनी ने बदली रणनीति

EPACK Durable ने Q1 FY27 में शानदार प्रदर्शन करते हुए रेवेन्यू में **34%** की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹886 करोड़** पर पहुंच गया है। कंपनी ने रूम एयर कंडीशनर (RAC) और नॉन-एसी सेगमेंट दोनों में मजबूत ग्रोथ दिखाई है, साथ ही श्री सिटी प्लांट की क्षमता का इस्तेमाल भी बढ़ा है। मैनेजमेंट अब नॉन-एसी कैटेगरी को बढ़ाने पर ज़ोर दे रहा है ताकि बिजनेस में आने वाले उतार-चढ़ाव को कम किया जा सके।

EPACK Durable का दमदार प्रदर्शन, AC के अलावा दूसरे सेगमेंट में भी बढ़ी रफ्तार

EPACK Durable Limited ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के ऑपरेशंस से रेवेन्यू में पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 34% की बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जो ₹886 करोड़ तक पहुंच गया है। तिमाही के दौरान कंपनी का EBITDA ₹55 करोड़ रहा, जिसका मार्जिन 6.21% दर्ज किया गया।

कंपनी के मैनेजमेंट ने साफ किया कि पिछले साल (Q1 FY26) के 8.24% EBITDA मार्जिन में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम से मिला ₹13.31 करोड़ का एकमुश्त फायदा शामिल था, जो इस तिमाही में नहीं था। इसे हटाने के बाद, अगर हम दोनों तिमाहियों के मार्जिन की तुलना करें तो असल EBITDA मार्जिन में सुधार देखने को मिला है।

क्यों है यह खबर अहम?

रेवेन्यू में यह बड़ी बढ़ोतरी, खासकर नॉन-एसी सेगमेंट से, कंपनी की सफल विविधीकरण (diversification) की रणनीति का संकेत देती है। इसका मकसद रूम एयर कंडीशनर (RAC) बिजनेस की मौसमी प्रकृति (seasonality) से निपटना है। साथ ही, प्रमुख प्लांट्स में क्षमता का बेहतर इस्तेमाल (capacity utilization) ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार की ओर इशारा करता है। हालांकि, निवेशकों को PLI बेनिफिट्स के धीरे-धीरे खत्म होने के असर और रेगुलेटरी बदलावों के बीच वर्किंग कैपिटल को मैनेज करने की कंपनी की क्षमता पर नजर रखनी होगी।

जानिए पूरी कहानी

EPACK Durable ने अपने मुख्य RAC बिजनेस के अलावा स्मॉल डोमेस्टिक अप्लायंसेज (SDA) और लार्ज डोमेस्टिक अप्लायंसेज (LDA) जैसे प्रोडक्ट्स में भी रणनीतिक रूप से विस्तार किया है। यह विविधीकरण पूरे साल रेवेन्यू और प्रॉफिटेबिलिटी को स्थिर करने के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि आमतौर पर RAC पर निर्भर कंपनियों के लिए दूसरी और तीसरी तिमाही नुकसानदायक होती है। कंपनी मैन्युफैक्चरिंग एफिशिएंसी और क्षमता उपयोग को बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।

अब आगे क्या?

EPACK Durable का लक्ष्य अगले 4 से 6 तिमाहियों में अपने नॉन-एसी कैटेगरी को तेजी से बढ़ाना है ताकि मौसमी असर को कम किया जा सके। कंपनी इस वित्त वर्ष के बाकी हिस्से के लिए ₹60 करोड़ से ₹70 करोड़ का अतिरिक्त कैपेक्स (capex) करने की योजना बना रही है। Hisense के साथ साझेदारी के तहत फ्रंट-लोड वॉशिंग मशीनों का पायलट प्रोडक्शन जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी PLI से जुड़े ग्राहक डिस्काउंट को वापस लेना भी शुरू कर रही है, क्योंकि वित्त वर्ष 2027 PLI बेनिफिट्स का आखिरी साल है।

किन जोखिमों पर रखें नजर?

मुख्य जोखिमों में PLI बेनिफिट्स का अंत शामिल है, जो मार्जिन पर असर डाल सकता है। नई BIS और QCO रेगुलेशंस के कारण कंपनियों को ज्यादा स्टॉक रखना पड़ सकता है, जिससे इन्वेंटरी का स्तर ऊंचा रह सकता है। विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव भी एक जोखिम है, जैसा कि इस तिमाही में खर्चों पर ₹6-7 करोड़ के नुकसान के रूप में देखा गया।

भविष्य में क्या देखें?

निवेशकों को नॉन-एसी सेगमेंट की ग्रोथ पर, PLI बेनिफिट्स के खत्म होने का मार्जिन पर असर, इन्वेंटरी लेवल को सामान्य करने की प्रगति और श्री सिटी प्लांट में प्रोडक्शन की रफ्तार पर लगातार नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.