EPACK Durable ने FY26 के बेहद चुनौतीपूर्ण नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू घटकर **₹1,894.46 करोड़** और मुनाफा गिरकर मात्र **₹3.3 करोड़** रह गया है। कंपनी ने अपनी 7वीं AGM **18 सितंबर, 2026** को बुलाई है।
मुनाफे में भारी गिरावट की असली वजह
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। जहां पिछले साल मुनाफा ₹55.1 करोड़ था, वहीं इस बार यह घटकर ₹3.3 करोड़ पर आ गया। रेवेन्यू में भी 12.7% की गिरावट दर्ज की गई है। इस परफॉर्मेंस के पीछे मुख्य वजह बेमौसम बारिश के कारण एयर कंडीशनर (RAC) की मांग में कमी और इन्वेंट्री का दबाव रहा। इसके अलावा, ₹32.42 करोड़ के PLI इंसेंटिव के रिवर्सल ने भी बॉटम-लाइन पर असर डाला, हालांकि RIPS 2024 स्कीम के तहत मिले ₹21.77 करोड़ ने कुछ हद तक राहत दी।
ऑडिटर की चेतावनी (Qualified Opinion)
निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय ऑडिटर की रिपोर्ट है। ऑडिटर ने ₹19.61 करोड़ के विवादित ट्रेड रिसीवेबल्स पर सवाल उठाए हैं। ऑडिटर का मानना है कि इन फंड्स की रिकवरी को लेकर पर्याप्त सबूत नहीं हैं, जिससे आगे चलकर प्रोविजनिंग बढ़ सकती है और इक्विटी पर असर पड़ सकता है।
विस्तार की राह पर कंपनी
वित्तीय दबाव के बावजूद, कंपनी अपनी ग्रोथ पर ध्यान दे रही है। EPACK Durable ने भिवाड़ी में ग्रीनफील्ड फैसिलिटी और श्री सिटी में Hisense के लिए डेडिकेटेड प्लांट में ₹297.1 करोड़ का निवेश किया है। कंपनी अब केवल RAC पर निर्भर न रहकर एनर्जी मीटर और स्मार्ट ऑडियो डिवाइसेज मार्केट में भी कदम रख रही है।
रिस्क और आगे क्या?
कंपनी का वर्किंग कैपिटल साइकिल बढ़कर 91 दिन (पिछली बार 57 दिन) हो गया है, जो कैश फ्लो के लिए अच्छा संकेत नहीं है। आगामी 7वीं AGM में मैनेजमेंट क्या सफाई देता है और विवादित पेमेंट को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर निवेशकों की पैनी नजर होनी चाहिए।
