Dodla Dairy ने Q2 FY27 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **17.4%** बढ़कर **₹1,196 करोड़** पहुंच गया है, हालांकि कच्चे माल की बढ़ती लागत ने मार्जिन को थोड़ा प्रभावित किया है।
मुनाफे के मोर्चे पर चुनौती
कंपनी ने इस तिमाही में ₹1,196 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है, जो मजबूत डिमांड और बेहतर प्रोडक्ट प्राइसिंग को दर्शाता है। हालांकि, कच्चे दूध की कीमत बढ़कर ₹43.2 प्रति लीटर हो गई है, जिसका सीधा असर कंपनी के EBITDA मार्जिन पर पड़ा है, जो कि 5.4% रहा। कंपनी का इस तिमाही का नेट प्रॉफिट (PAT) ₹37 करोड़ रहा है।
मैनेजमेंट का आउटलुक
निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि मैनेजमेंट ने दूसरी छमाही (H2 FY27) के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं। कंपनी को उम्मीद है कि प्रोक्योरमेंट की कीमतें स्थिर होने के साथ ही मार्जिन बढ़कर 7.5% से 8% के दायरे में आ जाएगा।
विस्तार और नई स्ट्रैटेजी
Dodla Dairy ने अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं:
- Joint Venture: Meadow India Holdings के साथ मिलकर B2B डेयरी इंग्रीडिएंट्स सेगमेंट में प्रवेश किया है, जिसमें Dodla की 40% हिस्सेदारी है।
- Maharashtra Expansion: महाराष्ट्र में लिक्विड मिल्क ऑपरेशंस मार्च/अप्रैल 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है।
- Africa Business: कंपनी का अफ्रीका बिजनेस 56% की जबरदस्त ग्रोथ के साथ ₹179 करोड़ के रेवेन्यू पर पहुंच गया है।
- Financial Health: कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत है और ग्रोथ के लिए इनके पास ₹659.4 करोड़ की कैश और बैंक बैलेंस मौजूद है।
आगे क्या रखें ध्यान?
निवेशकों को अब OSAM सब्सिडियरी के प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए, जिसका EBITDA मार्जिन फिलहाल सिर्फ 1% है। साथ ही, कंपनी की लागत को ग्राहकों तक पास करने की क्षमता और Q3-Q4 में कच्चे माल की कीमतों की स्थिति शेयर की चाल तय करेगी।
