Diana Tea Company ने अपने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹33.95 करोड़** हो गया है, जबकि नेट प्रॉफिट **₹7.13 करोड़** पर पहुंच गया है। हालांकि, ऑडिटर्स ने अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स को लेकर कुछ चिंताएं जाहिर की हैं।
शानदार परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
Diana Tea Company ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने अनऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹29.36 करोड़ से बढ़कर ₹33.95 करोड़ हो गया है। इसी तरह, कंपनी का नेट प्रॉफिट भी सालाना आधार पर ₹4.46 करोड़ से उछलकर ₹7.13 करोड़ दर्ज किया गया है। कंपनी का बेसिक ईपीएस (EPS) भी पिछले साल के 2.97 से बढ़कर 4.75 हो गया है।
छमाही नतीजों में दम
चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (H1) के आंकड़ों पर नजर डालें तो कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹60.13 करोड़ रहा है और प्रॉफिट ₹12.65 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले काफी बेहतर है।
ऑडिटर्स की 'चेतावनी'
नतीजों के साथ ही एक रिस्क फैक्टर भी सामने आया है। कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स ने अपनी 'लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट' में 'Emphasis of Matter' शामिल किया है। ऑडिटर्स का कहना है कि कंपनी ने ग्रेच्युटी लायबिलिटी (Gratuity Liability) के एक हिस्से के लिए 'एक्चुरियल वैल्यूएशन' (Actuarial Valuation) के आधार पर प्रोविजन नहीं बनाया है। यह 'Ind AS 19' के मानकों का उल्लंघन माना जा रहा है।
मैनेजमेंट का पक्ष
कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि टी-इंडस्ट्री पूरी तरह से सीजन पर निर्भर है। मौसम और फसल कटाई के चक्र का कंपनी की कमाई पर सीधा असर पड़ता है। इसलिए, किसी एक तिमाही के नतीजों को पूरे फाइनेंशियल ईयर का पैमाना नहीं मानना चाहिए।
