Dhampure Speciality Sugars: गन्ने के रस से मुनाफे का मीठा स्वाद! कंपनी का प्रॉफिट हुआ दोगुना

CONSUMER-PRODUCTS
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Dhampure Speciality Sugars: गन्ने के रस से मुनाफे का मीठा स्वाद! कंपनी का प्रॉफिट हुआ दोगुना

Dhampure Speciality Sugars ने FY26 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट लगभग दोगुना होकर **₹5.55 करोड़** पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **46.7%** की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है। कंपनी अब अपने FMCG सब्सिडियरी पर ज़्यादा फोकस कर रही है ताकि मार्जिन बढ़ाया जा सके।

Dhampure Speciality Sugars ने FY26 में दमदार ग्रोथ दर्ज की

Dhampure Speciality Sugars का नेट प्रॉफिट FY 2025-26 में लगभग दोगुना होकर ₹5.55 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹2.88 करोड़ था। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू में भी करीब 46.7% का उछाल आया है, जो पिछले साल के ₹39.80 करोड़ से बढ़कर ₹58.39 करोड़ हो गया है।

क्या है खास?

कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया कि इस शानदार मुनाफे का मुख्य कारण FMCG (Fast-Moving Consumer Goods) सेगमेंट में सब्सिडियरी कंपनियों पर बढ़ा हुआ फोकस है। ये कंपनियां ग्रुप के ओवरऑल परफॉरमेंस में इजाफा कर रही हैं और शुगर बिजनेस की मौसमी चुनौतियों को कम करने में मदद कर रही हैं। कंपनी का EBITDA भी बढ़कर ₹7.92 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹3.87 करोड़ था।

कंपनी की रणनीति

Dhampure Speciality Sugars अपनी रणनीति के तहत स्पेशियलिटी और ब्रांडेड प्रोडक्ट्स पर ज़्यादा ज़ोर दे रही है। इसका मकसद वोलेटाइल कमोडिटी शुगर मार्केट पर निर्भरता कम करना और ज़्यादा मार्जिन वाले सेगमेंट्स में पैर जमाना है। कंपनी अब तक डेट-फ्री (Debt-Free) रही है, जिससे उसे विस्तार योजनाओं के लिए वित्तीय सुविधा मिली हुई है।

आगे क्या?

कंपनी ने हाल ही में वारंट्स को शेयर्स में कन्वर्ट करके और प्रमोटर ग्रुप को नए कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करके अपनी इक्विटी बेस को मजबूत किया है। इस कैपिटल इनफ्यूजन से कंपनी को अपनी विस्तार योजनाओं और वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, खासकर बढ़ते FMCG पोर्टफोलियो के लिए।

जोखिम के पहलू

हालांकि, कंपनी के सामने कुछ जोखिम भी हैं। गन्ने की खेती मौसम और बारिश पर निर्भर करती है, जिसका सीधा असर इनपुट कॉस्ट पर पड़ता है। इसके अलावा, सरकार की शुगर एक्सपोर्ट, इथेनॉल ब्लेंडिंग और गन्ने की कीमतों से जुड़ी नीतियों में बदलाव से भी कंपनी के बिजनेस पर असर पड़ सकता है। एक छोटी सी बात यह भी है कि इसकी सब्सिडियरी, Nostalgic Foods Retail Private Limited, के एक सेक्रेटेरियल ऑडिट में बोर्ड रेज़ोल्यूशन अप्रूवल फाइलिंग में मामूली नॉन-कंप्लायंस पाया गया था, हालांकि पैरेंट कंपनी के ऑडिट को क्लीन चिट मिली है।

भविष्य की राह

निवेशक अब Dhampure की तीनों पूरी तरह से अपने नियंत्रण वाली सब्सिडियरीज़ – Dhampur Green Private Limited, Sun Burst Services Private Limited, और Nostalgic Foods Retail Private Limited – के सफल इंटीग्रेशन और ग्रोथ पर नज़र रखेंगे। साथ ही, वारंट कन्वर्शन से जुटाई गई रकम के इस्तेमाल और शुगर व इथेनॉल सेक्टर को प्रभावित करने वाली सरकारी नीतियों पर भी निवेशकों की पैनी नज़र रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.