Dhampur Bio Organics का मुनाफा 298% उछला! एसेट बिक्री और लिकर की बंपर बिक्री बनी वजह

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Dhampur Bio Organics का मुनाफा 298% उछला! एसेट बिक्री और लिकर की बंपर बिक्री बनी वजह

Dhampur Bio Organics ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में अपने मुनाफे में धमाकेदार **298%** की बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का मुनाफा बढ़कर **₹38.40 करोड़** हो गया है, जिसका मुख्य कारण **₹63.89 करोड़** की मेरठगंज यूनिट की बिक्री से हुआ लाभ है। वहीं, कंट्री लिकर की बिक्री में **267%** का जबरदस्त उछाल देखा गया। हालांकि, कंपनी के मुख्य चीनी और बायोफ्यूल सेगमेंट के रेवेन्यू में गिरावट आई है।

Dhampur Bio Organics ने एसेट बिक्री और लिकर ग्रोथ के दम पर Q1 में शानदार मुनाफा कमाया

Dhampur Bio Organics Limited ने Q1 FY27 के लिए ₹553.88 करोड़ का स्टैंडअलोन रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹529.99 करोड़ था। कंपनी के प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 298% की शानदार वृद्धि हुई, जो पिछले साल की -₹19.37 करोड़ की हानि से बढ़कर ₹38.40 करोड़ हो गया। प्रति शेयर आय (EPS) भी 300% बढ़कर ₹5.84 हो गई।

इस उछाल की वजह क्या है?

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में इस बार एक असाधारण मद का बड़ा योगदान रहा - मेरठगंज यूनिट का विनिवेश, जिससे ₹63.89 करोड़ का लाभ हुआ। यही लाभ PAT में हुई भारी वृद्धि का मुख्य कारण बना। कुल मिलाकर, ऑपरेशन से रेवेन्यू में साल-दर-साल 5% की बढ़ोतरी हुई।

निवेशकों के लिए क्यों अहम है ये नतीजे?

हालांकि, नतीजों में ₹63.89 करोड़ के एकमुश्त लाभ को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है। कंपनी अपनी रणनीति के तहत वैल्यू-एडेड शुगर और स्पिरिट्स (लिकर) पर जोर दे रही है, लेकिन इसके मुख्य चीनी और बायोफ्यूल सेगमेंट के रेवेन्यू में क्रमशः 13.84% और 36.72% की गिरावट देखी गई। इसके विपरीत, कंट्री लिकर सेगमेंट में 266.96% की प्रभावशाली राजस्व वृद्धि एक सकारात्मक संकेत है।

कंपनी की रणनीति

Dhampur Bio Organics अपनी रणनीति के तहत एक वैल्यू-एडेड शुगर और स्पिरिट्स निर्माता और बायो-एनर्जी कंपनी के रूप में खुद को स्थापित करना चाहती है। मेरठगंज यूनिट की बिक्री इस रणनीति का ही हिस्सा है, जिससे कंपनी अपने कर्ज को कम करने और विकास के मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने में सक्षम हुई है।

कर्ज में आई कमी

इस तिमाही के दौरान, कंपनी ने एसेट बिक्री और आंतरिक कमाई का उपयोग करके अपने लॉन्ग-टर्म कर्ज में ₹93 करोड़ की कमी की है। जून 2026 के अंत तक, बकाया लॉन्ग-टर्म लोन ₹197 करोड़ रह गया है, और कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.18 है, जो एक स्वस्थ वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशक अब आने वाली तिमाहियों में वैल्यू-एडेड शुगर और स्पिरिट्स सेगमेंट के प्रदर्शन पर बारीकी से नज़र रखेंगे। लिकर बिजनेस में ग्रोथ बनाए रखने और पारंपरिक सेगमेंट में परिचालन दक्षता में सुधार करने की कंपनी की क्षमता भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संकेतक होगी।

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