Devyani International ने Sapphire Foods के साथ अपने मर्जर प्लान में बदलाव किया है। कंपनी ने मर्जर से 'सेकेंडरी स्टेक सेल' की शर्त को हटा दिया है, हालांकि शेयर स्वैप रेशियो में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मर्जर की शर्तों में बदलाव
Devyani International (DIL) ने Sapphire Foods India (SFIL) के साथ चल रही अपनी विलय प्रक्रिया (Amalgamation) को और सरल बना दिया है। कंपनी ने जानकारी दी है कि अब 5.94 करोड़ से ज्यादा शेयरों के ट्रांसफर वाली 'सेकेंडरी सेल ट्रांजैक्शन' की शर्त इस डील का हिस्सा नहीं होगी। दोनों कंपनियों ने आपस में हुए शेयर परचेज एग्रीमेंट को रद्द कर दिया है, जिसके बाद DIL बोर्ड ने नई मर्जर स्कीम को मंजूरी दे दी है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
सबसे अहम बात यह है कि डील के मुख्य वित्तीय आधार में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। पहले की तरह ही, हर 100 Sapphire Foods के शेयरों के बदले निवेशकों को 177 Devyani International के शेयर मिलेंगे। इस बदलाव का मकसद कानूनी और प्रक्रियात्मक अड़चनों को कम करना है ताकि विलय की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बड़ा अपडेट
इस प्रक्रियात्मक बदलाव के बाद, कंपनी ने मर्जर के बाद का अनुमानित शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर भी जारी किया है। मर्जर के बाद प्रमोटर की हिस्सेदारी 41.99% रहने का अनुमान है, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़कर 58.01% हो जाएगी। कंपनी ने साफ किया है कि इस प्रोजेक्शन में प्रमोटर ग्रुप की कुछ इकाइयों को 'पब्लिक' कैटेगरी में रखा गया है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों को अब NCLT की मंजूरी और कोर्ट द्वारा बुलाई जाने वाली मीटिंग्स पर नजर रखनी चाहिए। मर्जर की मूल कमर्शियल शर्तों में फिलहाल कोई और बदलाव नहीं किया गया है, और अब पूरा ध्यान रेगुलेटरी क्लीयरेंस और शेयरहोल्डर्स की औपचारिक सहमति हासिल करने पर है।
