Darshan Orna Limited के लिए वित्त वर्ष 2025-26 शानदार रहा है। कंपनी ने रेवेन्यू में **230%** की भारी बढ़ोतरी दर्ज करते हुए इसे **₹71.49 करोड़** तक पहुँचा दिया है। साथ ही, कंपनी ने **₹15.01 करोड़** जुटाने के लिए राइट्स इश्यू को भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी परिचालन क्षमता का विस्तार किया है। पिछले वित्त वर्ष के ₹21.69 करोड़ के मुकाबले, इस साल रेवेन्यू ₹71.49 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट 40% की बढ़त के साथ ₹65.13 लाख रहा, जो पिछले साल ₹46.62 लाख था। कंपनी ने इस बार कोई डिविडेंड घोषित नहीं किया है, क्योंकि वे पूंजी को कारोबार में दोबारा निवेश (reinvestment) करने पर ध्यान दे रहे हैं।
फंड जुटाने की रणनीति
बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए कंपनी ने 1:1 के अनुपात में राइट्स इश्यू पेश किया था, जिसके जरिए ₹15.01 करोड़ की राशि जुटाई गई है। इसके लिए 5 करोड़ से ज्यादा शेयर ₹3 प्रति शेयर की कीमत पर जारी किए गए। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी ऑथराइज्ड शेयर कैपिटल को बढ़ाकर ₹20.20 करोड़ कर दिया है।
कॉर्पोरेट गवर्नेंस में बदलाव
कंपनी ने अपनी ऑडिट टीम में बड़ा बदलाव किया है। वैधानिक ऑडिटर के तौर पर M/s. Shah Karia & Associates की जगह अब M/s. P H Shah and Co ने ली है, जिनका कार्यकाल 5 साल का होगा। साथ ही, M/s. SS Lunkad and Associates को नया सेक्रेटेरियल ऑडिटर नियुक्त किया गया है।
आगे क्या है खास?
निवेशकों को अब 25 सितंबर 2026 का इंतजार है, जब कंपनी की 15वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) होगी। वोटिंग की प्रक्रिया 18 सितंबर 2026 को समाप्त हो जाएगी। हालांकि रेवेन्यू बढ़ा है, लेकिन 1.23% का पतला प्रॉफिट मार्जिन निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है, जिस पर भविष्य में मैनेजमेंट के 'Darshan Orna' ऐप के जरिए कॉस्ट कम करने के दावों की परीक्षा होगी।
