Dabur India को FSSAI से एक बड़ा झटका लगा है। FSSAI ने कंपनी के शहद, घी और नारियल पानी जैसे उत्पादों के लेबल पर '100% प्योर' (100% Pure) दावे को लेकर प्रोहिबिटरी ऑर्डर (prohibitory order) जारी किया है। कंपनी अपने लेबल्स को बदल रही है, लेकिन यह साफ किया है कि उत्पाद की क्वालिटी (quality) या सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हुआ है।
Dabur India को FSSAI का बड़ा झटका: '100% प्योर' दावों पर रोक
फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने Dabur India को एक बड़ा झटका देते हुए कंपनी के शहद, घी और नारियल पानी जैसे प्रमुख उत्पादों के लेबल पर '100% प्योर' (100% Pure) लिखने पर रोक लगा दी है। यह प्रोहिबिटरी ऑर्डर (prohibitory order) 03 अगस्त 2026 को जारी किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
FSSAI का यह आदेश 08 अप्रैल 2026 को जारी पहले के नोटिस के बाद आया है। यह पूरा मामला उत्पादों के विवरण (product description) में किए जाने वाले दावों की व्याख्या (interpretation) को लेकर है। Dabur India का कहना है कि उनके द्वारा किए गए दावे नियमों और इंडस्ट्री की प्रैक्टिस के अनुसार हैं। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि इस ऑर्डर से उत्पादों की क्वालिटी, सुरक्षा या शुद्धता पर कोई सवाल नहीं उठता है।
शेयर बाजार में दिखी गिरावट
इस खबर का असर Dabur India के शेयर पर भी पड़ा। 04 अगस्त 2026 को मीडिया रिपोर्ट्स सामने आने के बाद कंपनी के शेयर में 2.42% की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने इससे पहले भी एक्सचेंज को एक खास प्रोडक्ट लेबल के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट की थी, जिसका जिक्र पहले के नोटिस में था।
लेबल बदलेगी कंपनी
Dabur India ने FSSAI के आदेश का पालन करते हुए अपने प्रोडक्ट लेबल्स और विज्ञापनों से '100%' वाले दावे को हटाना शुरू कर दिया है। कंपनी के अनुसार, इन बदलावों का एक बड़ा हिस्सा या तो पूरा हो चुका है या फिर चल रहा है।
आगे क्या?
मार्केटिंग दावों (marketing claims) पर रेगुलेटरी (regulatory) जांच एक महत्वपूर्ण पहलू बनी रहेगी। Dabur India का कहना है कि इस मामले का उनके बिजनेस और फाइनेंस पर सीमित असर पड़ेगा, लेकिन कंपनी रेगुलेटर के साथ लगातार संपर्क में है और कानूनी सलाह भी ले रही है। Dabur India के निवेशकों को FSSAI के साथ कंपनी के सकारात्मक जुड़ाव और कानूनी परामर्श की प्रगति पर नज़र रखनी चाहिए।
