Cosco India ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹188.56 करोड़** रहा, जबकि नेट प्रॉफिट **₹1 करोड़** तक पहुंच गया है। हालांकि, करेंसी में उतार-चढ़ाव और मार्केटिंग खर्चों के कारण मुनाफे पर दबाव बना हुआ है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की झलक
Cosco India के लिए फाइनेंशियल ईयर 2025-26 मिला-जुला रहा है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹173.34 करोड़ से बढ़कर ₹188.56 करोड़ हो गया है, जो 8.76% की ग्रोथ को दर्शाता है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹1 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹0.78 करोड़ था। हालांकि, भविष्य में मजबूती बनाए रखने के लिए बोर्ड ने इस बार कोई डिविडेंड न देने का फैसला किया है।
मुनाफे पर क्यों है दबाव?
टॉप-लाइन ग्रोथ अच्छी होने के बावजूद बॉटम-लाइन उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाई है। मैनेजमेंट का कहना है कि विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव और रॉ मटेरियल की बढ़ती लागत ने मार्जिन को प्रभावित किया है। साथ ही, मार्केट में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए कंपनी ने विज्ञापन (Advertising) और एम्प्लॉई बेनिफिट्स पर भारी खर्च किया है।
बड़े अपडेट्स और ऑपरेशनल बदलाव
कंपनी ने अपने गुड़गांव मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में ₹1.58 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्टोरेज कैपेसिटी को बढ़ाना और सोलर पावर सिस्टम इंस्टॉल करना है। इसके अलावा, कंपनी ने अपनी श्रीलंका की सब्सिडियरी 'Cosco Polymer Lanka' के वाइंडिंग-अप की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।
आगे क्या होगा?
कंपनी की 47वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को तय की गई है। इस बैठक में अरुण जैन, मनीष जैन, पंकज जैन और नीरज जैन को फिर से होल-टाइम डायरेक्टर्स के रूप में नियुक्त करने पर वोटिंग होगी। निवेशकों को कंपनी के इंटरनल ऑडिट और ग्रे-मार्केट कॉम्पिटिशन जैसे रिस्क फैक्टर पर भी नजर बनाए रखनी चाहिए।
