Chaman Lal Setia Exports ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹3 प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 11.5% बढ़कर ₹114.78 करोड़ हो गया है, हालांकि रिवेन्यू में मामूली गिरावट देखी गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और डिविडेंड
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों में मजबूती दिखाई है। सालाना आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹102.88 करोड़ से बढ़कर ₹114.78 करोड़ पर पहुंच गया है। हालाँकि, कंपनी का रिवेन्यू थोड़ा घटकर ₹1,439.58 करोड़ रहा। शेयरधारकों को खुश करते हुए बोर्ड ने ₹3 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जिसके लिए 21 सितंबर, 2026 को रिकॉर्ड डेट तय किया गया है। कंपनी की 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 28 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए होगी।
ऑडिटर की चिंताएं (Qualified Opinion)
कंपनी के ऑडिटर्स 'राजेश कपूर एंड कंपनी' ने अकाउंटिंग प्रैक्टिस को लेकर कुछ सवाल खड़े किए हैं, जिन पर निवेशकों को गौर करना चाहिए:
- ₹1.81 करोड़ के विवादित ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) को राइट ऑफ नहीं किया गया है।
- ₹16.34 लाख के नॉन-डिस्प्यूटेड ट्रेड पेयबल्स (Trade Payables) को वापस नहीं लिया गया है।
- MSME एंटिटीज को चुकाए जाने वाले ₹8.14 लाख के ब्याज के लिए प्रोविजन नहीं किया गया है।
मैनेजमेंट ने सफाई देते हुए कहा है कि विवादित रिसीवेबल्स ECGC पॉलिसी के तहत कवर हैं और घरेलू बकाया वसूली की प्रक्रिया जारी है।
मैनेजमेंट का नजरिया
कंपनी के कुल रिवेन्यू में 88% योगदान एक्सपोर्ट्स का रहा है। मैनेजमेंट का कहना है कि कॉस्ट-कंट्रोल पहलों के कारण मुनाफा बढ़ाने में मदद मिली है। निवेशकों को आने वाले समय में इन ऑडिट चिंताओं के समाधान पर नज़र रखनी चाहिए।
