Carnation Industries ने दिवालियापन की प्रक्रिया (CIRP) से सफलतापूर्वक बाहर निकलने के बाद अब बेवरेज कंपनी Oniv Beverages Private Limited का अधिग्रहण कर लिया है। कंपनी ने FY26 में ₹0.13 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹1.42 करोड़ के मुनाफे से काफी कम है।
Carnation Industries का नया अवतार: CIRP से बाहर, बेवरेज में विस्तार
Carnation Industries ने 5 जून 2024 को NCLT के आदेश के बाद कॉरपोरेट इंसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। कंपनी ने इसी के साथ Oniv Beverages Private Limited का अधिग्रहण कर वाइनरी और बेवरेज सेक्टर में कदम रखा है।
क्यों अहम है ये खबर?
CIRP से बाहर निकलना कंपनी के लिए एक नई शुरुआत का संकेत है, जिससे उम्मीद है कि कंपनी की बैलेंस शीट अब साफ होगी। बेवरेज सेक्टर में विस्तार भविष्य में ग्रोथ हासिल करने की एक बड़ी रणनीति है। हालांकि, ₹0.13 करोड़ का नेट लॉस और घटता रेवेन्यू बताता है कि कंपनी अभी भी टर्नअराउंड की शुरुआती स्टेज में है।
क्या है पूरी कहानी?
कंपनी पिछले कुछ समय से CIRP प्रक्रिया से गुजर रही थी। नया फाइनेंशियल ईयर (FY26) CIRP के बाद का पहला पूरा साल है, और कंपनी ने ऑपरेशन्स को फिर से शुरू किया है। Oniv Beverages का अधिग्रहण कंपनी की दिशा में एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है।
अब आगे क्या?
Carnation Industries अब अपने नए बेवरेज बिजनेस पर फोकस करेगी। Oniv Beverages का अधिग्रहण शेयर जारी करके पूरा किया जा रहा है। कंपनी ने शेयरधारकों से अधिकृत शेयर कैपिटल को ₹7 करोड़ से बढ़ाकर ₹35 करोड़ करने की मंजूरी मांगी है, ताकि भविष्य में विस्तार और फंड जुटाने में आसानी हो।
किन जोखिमों पर रखें नजर?
ऑडिटर्स ने बताया है कि पिछले समय में इस्तेमाल किए गए अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में ऑडिट ट्रेल (एडिट लॉग) की कमी थी, जो गवर्नेंस और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग में पारदर्शिता का जोखिम पैदा कर सकती है। इसके अलावा, कंपनी अभी मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स (MCA) और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) से कॉर्पोरेट बदलावों, जैसे नाम बदलना और ऑफिस शिफ्ट करना, के लिए जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल का इंतजार कर रही है।
वित्तीय आंकड़े (FY26)
- रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स: ₹1.70 करोड़ (₹170.00 लाख), FY25 में ₹0 था।
- कुल रेवेन्यू: ₹1.97 करोड़ (₹196.72 लाख), FY25 के ₹2.34 करोड़ (₹233.84 लाख) से कम।
- नेट प्रॉफिट/(लॉस): (₹0.13 करोड़) ((₹13.18 लाख)), FY25 में ₹1.42 करोड़ के प्रॉफिट से घाटा।
- कुल संपत्ति: ₹16.77 करोड़ (₹1,676.54 लाख), FY25 के ₹2.31 करोड़ (₹230.72 लाख) से ज्यादा।
- अधिग्रहण की लागत: Oniv Beverages के लिए अधिकतम ₹5 करोड़।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को बेवरेज सेगमेंट में कंपनी के फुल-स्केल ऑपरेशन्स शुरू होने, आने वाली तिमाहियों में कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस और कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग के लिए पेंडिंग रेगुलेटरी अप्रूवल के हल होने पर नजर रखनी चाहिए।
