Bata India Q4 FY26: 94% गिरे प्रॉफिट के पीछे की कहानी, पर कामकाज में मजबूती
Bata India ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रिपोर्टेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 94% घटकर ₹XX करोड़ पर आ गया है।
अंदरूनी कामकाज में दिखी मजबूती
रिपोर्टेड नतीजों में भले ही भारी गिरावट दिख रही हो, लेकिन कंपनी के अंदरूनी कामकाज (underlying operations) ने निवेशकों को राहत दी है। कंपनी के लाइक-टू-लाइक PBT में 11% की ग्रोथ दर्ज की गई है। यह लगातार दूसरी तिमाही है जब कंपनी ने 5% से ज्यादा की वैल्यू ग्रोथ हासिल की है।
इस गिरावट की मुख्य वजहें
Bata India के मैनेजमेंट ने बताया है कि यह बड़ी गिरावट कुछ खास और एक बार के खर्चों (exceptional items) की वजह से है। इनमें वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम (VRS) से जुड़ा खर्च, लाइसेंसिंग एग्रीमेंट पर विदेशी मुद्रा का असर (₹22 करोड़), लीज बंद होने से कम लाभ (₹3.6 करोड़) और पिछली तिमाही के बेस में किए गए पुराने प्रोविजन का एडजस्टमेंट शामिल है।
इन्वेंटरी मैनेजमेंट और ई-कॉमर्स पर फोकस
कंपनी पिछले कुछ समय से अपने ऑपरेशन्स और इन्वेंटरी को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। जीरो-बेस्ड मर्चेंडाइजिंग (ZBM) को 700 से ज्यादा स्टोर्स में लागू किया गया है। इसके चलते इन्वेंटरी 13% YoY और पिछले दो सालों में 28% तक कम हुई है, वहीं प्रोडक्ट की उपलब्धता बढ़ी है। Bata.com पर बिक्री 81% YoY बढ़ी है और अब ई-कॉमर्स कंपनी के कुल बिजनेस का 12-13% हिस्सा है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक अब एडjusted PBT ग्रोथ की स्थिरता पर नजर रखेंगे। साथ ही, ZBM पहल से स्टोर की प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ने वाले असर और इनपुट कॉस्ट इन्फ्लेशन (5-6%) को मैनेज करने की क्षमता पर भी ध्यान देंगे। फ्रेंचाइजी और SIS मॉडल के साथ-साथ ई-कॉमर्स की ग्रोथ भी अहम रहेगी।
जोखिम के संकेत
दो चीजों पर गौर करना जरूरी है: ट्रेड रिसीवेबल्स में 65% YoY की ग्रोथ हो सकती है, जो B2B या फ्रेंचाइजी सेगमेंट में विस्तार का संकेत दे सकती है, जिसकी क्वालिटी जांचनी होगी। दूसरा, कच्चे माल की बढ़ती कीमत (5-6%) मार्जिन पर दबाव डाल सकती है, अगर कंपनी इसे कीमतों में बढ़ोतरी के जरिए ग्राहकों पर नहीं डाल पाती है।
