Bata India ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू मामूली 0.79% बढ़कर **₹3,515.48 करोड़** रहा, लेकिन एकमुश्त खर्चों के चलते नेट प्रॉफिट में **59.34%** की भारी गिरावट आई और यह ₹133.56 करोड़ पर आ गया। इसके साथ ही, कंपनी ने नेतृत्व में बदलाव की भी घोषणा की है, संजय एस. राव नए एमडी और सीईओ बने हैं।
Bata India के FY26 के नतीजे: रेवेन्यू में हल्की ग्रोथ, प्रॉफिट पर लगा झटका
Bata India ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल के ₹3,488.03 करोड़ की तुलना में 0.79% बढ़कर ₹3,515.48 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, इसी अवधि में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 59.34% घटकर ₹133.56 करोड़ रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹328.45 करोड़ था। इस भारी गिरावट का मुख्य कारण कुछ एकमुश्त (one-time exceptional items) खर्चे थे।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कंपनी ने प्रति इक्विटी शेयर ₹9 का डिविडेंड (Dividend) देने की सिफारिश की है। इसके अलावा, कंपनी में एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन भी हुआ है। श्री संजय एस. राव 24 अगस्त 2026 से नए एमडी और सीईओ का पद संभालेंगे, और वे श्री गुंजन शाह की जगह लेंगे।
'Reignite' स्ट्रेटेजी और आगे की राह
Bata India अपनी 'Reignite' स्ट्रेटेजी पर काम कर रही है, जिसका मकसद प्रोडक्ट और ऑपरेशनल एक्सीलेंस के साथ-साथ डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर जोर देना है। कंपनी का लक्ष्य नए मैनेजमेंट के तहत भविष्य में ग्रोथ को बढ़ावा देना है। कंपनी का कहना है कि डिजिटल माध्यमों से होने वाली बिक्री कुल रेवेन्यू में 'मिड-टीन्स' का योगदान देती है और ई-कॉमर्स सेल्स में 7% से ज्यादा की ग्रोथ देखी गई है। इन्वेंट्री एफिशिएंसी भी कई सालों के उच्चतम स्तर पर है।
भविष्य की चुनौतियाँ
आगे चलकर कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इनमें कंज्यूमर की खर्च करने की क्षमता में नरमी, वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता और महंगाई का दबाव शामिल है, जो सप्लाई चेन और माल ढुलाई की लागत को प्रभावित कर सकते हैं। नए सीईओ संजय एस. राव पर इन चुनौतियों से निपटते हुए कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) और स्टोर नेटवर्क के प्रदर्शन को बेहतर बनाने का दारोमदार होगा।
