Balrampur Chini Mills ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **6.13%** बढ़कर **₹1,637 करोड़** हो गया है। साथ ही, कंपनी ने अपने पॉली लैक्टिक एसिड (PLA) प्रोजेक्ट के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को बढ़ाकर **₹3,080 करोड़** कर दिया है।
Balrampur Chini Mills ने Q1 FY27 में दर्ज की 6.13% रेवेन्यू ग्रोथ
Balrampur Chini Mills ने अपने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस दौरान कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के ₹1,542.27 करोड़ की तुलना में 6.13% बढ़कर ₹1,636.79 करोड़ दर्ज किया गया।
PLA प्रोजेक्ट पर बड़ा दांव
कंपनी ने अपने पॉली लैक्टिक एसिड (PLA) प्रोजेक्ट के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को संशोधित कर ₹3,080 करोड़ कर दिया है। इस प्रोजेक्ट के चालू होने की उम्मीद वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही (H2 FY27) में है। यह कदम कंपनी के बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक (Bioplastics) के क्षेत्र में रणनीतिक विस्तार को दर्शाता है, जिसे सरकारी प्रोत्साहन का भी सहारा मिल रहा है।
शुगर इन्वेंटरी और शुरुआती ऑर्डर
30 जून 2026 तक कंपनी के पास 45.67 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक था। एक अच्छी खबर यह भी है कि कंपनी को PLA उत्पादों के लिए लखनऊ कैंटोनमेंट बोर्ड से शुरुआती संस्थागत ऑर्डर मिला है, जो इसके नए उत्पाद की बाजार में मांग का संकेत देता है।
रेवेन्यू ग्रोथ और बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक का भविष्य
यह रेवेन्यू ग्रोथ कंपनी के मुख्य शुगर और डिस्टिलरी बिजनेस की मजबूती को दिखाता है। PLA प्रोजेक्ट में बढ़ा हुआ निवेश और संशोधित समय-सीमा बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक क्षेत्र में इसके महत्वपूर्ण विविधीकरण (Diversification) पर जोर देती है। उत्तर प्रदेश सरकार से बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के लिए मिलने वाली नीतियां इस प्रोजेक्ट की संभावनाओं को और बढ़ा सकती हैं।
भविष्य की चुनौतियां
हालांकि, कंपनी के लिए डिस्टिलरी सेगमेंट में मार्जिन का दबाव एक चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि पिछले तीन सालों से इथेनॉल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। साथ ही, PLA प्रोजेक्ट के लिए बड़े पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) का प्रबंधन करना भी एक वित्तीय प्रतिबद्धता है। चीनी की कीमतों और कच्चे माल की लागत में संभावित उतार-चढ़ाव भी बने रहेंगे।
