नतीजे और फंड जुटाना:
कंपनी के बोर्ड ने 18 मई, 2026 को हुई मीटिंग में FY26 के नतीजे कन्फर्म किए। मुनाफे के साथ ही, बोर्ड ने 15 लाख इक्विटी शेयर्स के अलॉटमेंट को भी मंजूरी दी। ये शेयर वॉरंट कन्वर्जन से आए हैं, जिन्हें ₹328.25 प्रति शेयर की दर से जारी किया गया, जिससे कंपनी के पास ₹369.28 करोड़ आए हैं।
यह ₹369.28 करोड़ कंपनी के लिए काफी अहम हैं। इन्हें लोन चुकाने, नए स्टोर खोलने के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) और कंपनी के सामान्य कामों को पूरा करने में इस्तेमाल किया जाएगा। इस फंड से कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन मजबूत होगी और ग्रोथ को सहारा मिलेगा।
स्टॉक स्प्लिट क्यों टाला गया?
एक तरफ कंपनी ने फंड जुटाया है, तो वहीं शेयरधारकों के लिए एक खबर थोड़ी मायूस करने वाली है। बोर्ड ने शेयर्स के स्टॉक स्प्लिट या सब-डिवीजन के प्रस्ताव को फिलहाल टाल दिया है। इसका मतलब है कि कंपनी अभी इस पर और रिव्यू करेगी, शायद बाजार की मौजूदा स्थिति या अपनी आंतरिक तैयारी को देखते हुए।
नए शेयर्स के अलॉटमेंट से कंपनी का टोटल इश्यूड शेयर कैपिटल बढ़ेगा। मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी में थोड़ी कमी आएगी, क्योंकि ये 15 लाख नए इक्विटी शेयर्स मौजूदा शेयर्स के बराबर ही माने जाएंगे।
स्टॉक स्प्लिट टलने से उन निवेशकों में अनिश्चितता है जो शेयर की कीमत कम होने से मिलने वाले फायदों की उम्मीद कर रहे थे। कंपनी के सामने अब जुटाए गए फंड का सही इस्तेमाल करने की चुनौती है, खासकर कर्ज चुकाने और नए स्टोर खोलने के प्लान में। रिटेल सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी की ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी भविष्य में इसके प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।
Baazar Style Retail भारत के कॉम्पिटिटिव रिटेल मार्केट में काम करती है। इसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों में Trent Ltd. (Zudio और Westside जैसे ब्रांड्स के साथ), V-Mart Retail Ltd. (जो टियर II/III शहरों में सस्ते फैशन पर फोकस करती है) और Aditya Birla Fashion and Retail Ltd. (ABFRL) शामिल हैं।
FY26 के मुख्य फाइनेंशियल नंबर्स में ₹1,852.56 करोड़ का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू और ₹46.87 करोड़ का कंसॉलिडेटेड PAT (Profit After Tax) शामिल है। वॉरंट अलॉटमेंट से कुल ₹369.28 करोड़ का कंसीडरेशन मिला।