BCL Industries: रेवेन्यू घटा, पर मुनाफे में उछाल! डिस्टिलरी बिज़नेस में दमदार ग्रोथ

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AuthorAditya Rao|Published at:
BCL Industries: रेवेन्यू घटा, पर मुनाफे में उछाल! डिस्टिलरी बिज़नेस में दमदार ग्रोथ

BCL Industries ने Q1 FY27 में **₹623 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले कम है। ऐसा कंपनी के पैक्ड ऑयल बिज़नेस से बाहर निकलने की वजह से हुआ। हालांकि, डिस्टिलरी सेगमेंट में शानदार प्रदर्शन के चलते EBITDA में **17%** और PAT में **6%** की बढ़ोतरी देखी गई।

BCL Industries के Q1 FY27 के नतीजे

BCL Industries ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए ₹623 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पेश किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹820 करोड़ की तुलना में कम है। कंपनी ने अपना पैक्ड ऑयल बिज़नेस बंद कर दिया था और ऑयल & वनस्पति यूनिट को भी बंद कर दिया, जिसका असर टॉप लाइन पर पड़ा।

क्यों मायने रखती है ये खबर?

कम रेवेन्यू के बावजूद, कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार हुआ है। EBITDA 17% बढ़कर ₹66 करोड़ हो गया है, और EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 10.5% हो गया है। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 6% की बढ़ोतरी के साथ ₹36 करोड़ रहा। यह नतीजे BCL Industries के डिस्टिलरी ऑपरेशन्स की ओर रणनीतिक बदलाव को दर्शाते हैं, जहां डिस्टिलरी सेगमेंट ने मजबूत ग्रोथ दिखाई है। कंपनी ने Svaksha Distillery में 25% हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी पूरा किया है।

कंपनी की बैकस्टोरी

BCL Industries अपने डिस्टिलरी एसेट्स को कंसोलिडेट करने पर लगातार फोकस कर रही है। Q1 FY27 के नतीजे इस बदलाव को दर्शाते हैं। हालांकि, पॉलिसी अनिश्चितताओं और मार्केट कंडीशंस के चलते कई एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स अभी रुके हुए हैं।

आगे क्या?

कंपनी अब अपनी डिस्टिलरी कैपेसिटी का फायदा उठाने पर ध्यान दे रही है। जुलाई 2026 में शुरू होने वाली 150 KLPD यूनिट (बठिंडा) भी इसमें शामिल है। मैनेजमेंट को लॉन्ग-टर्म बायोफ्यूल की संभावनाओं पर भरोसा है और सुप्रीम कोर्ट के एक निर्देश के बाद इथेनॉल के बड़े ऑर्डर्स मिलने की उम्मीद है।

जोखिम के पहलू

Fatehabad में 250 KLPD प्लांट और बायोडीजल प्रोजेक्ट जैसे बड़े एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स फिलहाल रुके हुए हैं। मक्के की खरीद लागत, जो फिलहाल ₹25/किलो के आसपास है, मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। हाल ही में बठिंडा डिस्टिलरी के इथेनॉल स्टोरेज टैंक में आग लगने की घटना ने ऑपरेशनल रिस्क को भी उजागर किया है, हालांकि बीमा से नुकसान की भरपाई की उम्मीद है।

प्रासंगिक आंकड़े

  • ENA वॉल्यूम: 19,376 KL (Q1 FY26 में 7,960 KL की तुलना में)
  • इथेनॉल वॉल्यूम: 37,787 KL
  • कंट्री लिकर वॉल्यूम: 6,37,993 बॉक्स (QoQ 42% और YoY 46% बढ़ा)
  • मक्के की खरीद लागत: ₹25/किलो की ओर बढ़ रही है।

आगे क्या देखना है?

निवेशक एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन, रॉ मटेरियल की लागत का मार्जिन पर असर, और इथेनॉल पॉलिसी पर और अधिक स्पष्टता पर नजर रखेंगे। कंपनी की अपेक्षित इथेनॉल ऑर्डर्स को सुरक्षित करने और पूरा करने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.