Avro India ने अपने फाइनेंशियल ईयर **2026** के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **38.49%** बढ़कर **₹4.21 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही कंपनी ने **10:1** के रेशियो में स्टॉक स्प्लिट और प्लास्टिक रीसाइक्लिंग सेक्टर में विस्तार का बड़ा फैसला लिया है।
फाइनेंशियल ग्रोथ और प्रदर्शन
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान अपने ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में जबरदस्त तेजी दिखाई है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 16.18% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹90.99 करोड़ दर्ज किया गया है, जबकि कंसोलिडेटेड टोटल इनकम ₹103.68 करोड़ तक पहुंच गई है।
सस्टेनेबिलिटी पर बड़ा दांव
कंपनी अब सस्टेनेबिलिटी की ओर कदम बढ़ा रही है। 'ऑपरेशन शुद्धि' (Operation Shuddhi) के तहत, Avro India ने Avro Recycling Limited नाम से एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी (Subsidiary) शुरू की है, जो प्लास्टिक वेस्ट रीसाइक्लिंग पर काम करेगी।
कॉर्पोरेट एक्शन और लीडरशिप में बदलाव
- स्टॉक स्प्लिट: कंपनी ने अपने शेयरों की फेस वैल्यू को ₹10 से घटाकर ₹1 करने की मंजूरी दे दी है, जिसे शेयरधारकों ने अप्रैल 2026 में हरी झंडी दे दी थी।
- नेतृत्व में बदलाव: 30 सितंबर, 2026 से कंपनी के मैनेजमेंट में बड़ा फेरबदल होगा। साहिल अग्रवाल अब 'होल टाइम डायरेक्टर' की भूमिका में होंगे, जबकि निखिल अग्रवाल 'मैनेजिंग डायरेक्टर' के पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
आगे क्या?
निवेशकों के लिए आगामी 30वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) महत्वपूर्ण होगी, जो 30 सितंबर, 2026 को तय की गई है। बाजार की नजरें अब इस बात पर होंगी कि नई रीसाइक्लिंग यूनिट कंपनी की वैल्यू में कितना योगदान दे पाती है।
