Avenue Supermarts ने Q1 FY27 के लिए अपने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 13% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹935.77 करोड़ रहा। कंपनी ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) के ज़रिए ₹1,000 करोड़ तक जुटाने की मंजूरी भी दी है।
DMart के नतीजे: मुनाफे में बंपर उछाल
Avenue Supermarts लिमिटेड ने 30 जून, 2026 को समाप्त पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 13% बढ़कर ₹935.77 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹829.73 करोड़ था। कंसोलिडेटेड (Consolidated) नेट प्रॉफिट में भी 11.35% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹860.44 करोड़ रहा।
कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में भी अच्छी ग्रोथ दर्ज की गई। स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹18,343.49 करोड़ रहा (Q1 FY26 में ₹15,932.12 करोड़ था) और कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹18,794.53 करोड़ रहा (Q1 FY26 में ₹16,359.70 करोड़)।
₹1,000 करोड़ जुटाने की तैयारी
कंपनी के बोर्ड ने ₹1,000 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) जारी करने को भी मंजूरी दे दी है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी भविष्य की ग्रोथ, स्टोर एक्सपेंशन (Store Expansion) और अन्य ज़रूरतों के लिए कर सकती है।
मैनेजमेंट में बदलाव
इन नतीजों के साथ-साथ, कंपनी में कुछ अहम मैनेजमेंट बदलाव भी हुए हैं। एक नए चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (Chief Operating Officer) की नियुक्ति की गई है, जो कंपनी के ऑपरेशंस (Operations) को और बेहतर बनाने में मदद करेंगे। इसके अलावा, मिस्टर विजय शंकर चंदक को प्रमोटर ग्रुप (Promoter Group) से पब्लिक कैटेगरी (Public Category) में री-क्लासिफाई (Re-classify) किया जा रहा है, जिसके लिए एक्सचेंज (Exchange) की मंजूरी ज़रूरी है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशकों को अब NCD इश्यू के सफल समापन, नए COO के नेतृत्व में कंपनी के प्रदर्शन और स्टोर खोलने की रफ़्तार पर नज़र रखनी चाहिए। रिटेल सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच DMart का वैल्यू रिटेलिंग (Value Retailing) पर फोकस उसे आगे भी मदद कर सकता है।
