Archies Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने कमजोर नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू गिरकर **₹56.10 करोड़** रह गया है, जबकि नेट लॉस बढ़कर **₹4.30 करोड़** पर पहुंच गया है।
बिगड़ते वित्तीय हालात
कंपनी के लिए यह साल चुनौतीपूर्ण रहा है। पिछले साल के ₹69.71 करोड़ के मुकाबले कंपनी का रेवेन्यू घटकर ₹56.10 करोड़ पर आ गया है, जो कि 19.5% की गिरावट को दर्शाता है। वहीं, नेट लॉस ₹1.46 करोड़ से बढ़कर ₹4.30 करोड़ हो गया है। कंपनी ने इन खराब नतीजों के पीछे जियोपॉलिटिकल तनाव और महंगाई को जिम्मेदार बताया है।
गवर्नेंस और लिक्विडिटी का दबाव
कंपनी ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा किया है कि नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच EPF और TDS जैसे जरूरी स्टैच्यूटरी पेमेंट में देरी हुई थी। हालांकि प्रबंधन का दावा है कि ब्याज समेत ये बकाया राशि चुका दी गई है, लेकिन इन खामियों ने गवर्नेंस पर सवाल खड़े किए हैं। इसी दबाव के चलते ICRA ने कंपनी की ₹24.10 करोड़ की बैंक क्रेडिट लाइन की रेटिंग घटाकर [ICRA] BB (नेगेटिव आउटलुक) कर दी है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजरें 24 सितंबर 2026 को होने वाली कंपनी की 36वीं AGM पर टिकी हैं। इस मीटिंग में अनिल मूलचंदानी को फिर से CMD नियुक्त करने के प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। निवेशकों के लिए कंपनी की लिक्विडिटी और आगे की प्रॉफिटेबिलिटी पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
