Apollo Ingredients के निवेशकों की बल्ले-बल्ले! ₹0.71 Cr के रिकॉर्ड मुनाफे के साथ Agro-Products में एंट्री

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AuthorAditya Rao|Published at:
Apollo Ingredients के निवेशकों की बल्ले-बल्ले! ₹0.71 Cr के रिकॉर्ड मुनाफे के साथ Agro-Products में एंट्री
Overview

Apollo Ingredients ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹0.71 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल सिर्फ ₹0.10 करोड़ था। साथ ही, कंपनी अब Agro-Products और फूड इंग्रेडिएंट्स के बिज़नेस में भी कदम रख रही है।

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Apollo Ingredients ने FY26 में मचाया धमाल!

Apollo Ingredients Ltd. (पहले Indsoya Limited) ने वितीय साल 2025-26 के लिए अपने नतीजों से सबको चौंका दिया है। कंपनी की नेट सेल्स बढ़कर ₹4.90 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹3.07 करोड़ थी। सबसे बड़ी बात, नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में भारी उछाल आया और यह ₹0.71 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा महज़ ₹0.10 करोड़ था। इसके चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन भी 1% से बढ़कर 14% हो गया है।

बिज़नेस में बड़ा बदलाव

सिर्फ नतीजों का खेल नहीं, Apollo Ingredients अब हेल्थकेयर सॉल्यूशंस से आगे बढ़कर Agro-Products और फूड इंग्रेडिएंट्स के क्षेत्र में भी बिज़नेस बढ़ाने जा रही है। इसमें न्यूट्रास्यूटिकल्स और फूड एडिटिव्स की खेती, प्रोसेसिंग और ट्रेडिंग शामिल होगी। कंपनी ने इस बड़े बदलाव के लिए अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) में भी ज़रूरी संशोधन कर लिए हैं।

क्यों है ये अहम?

मुनाफे में यह शानदार ग्रोथ कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दिखाती है। वहीं, Agro-Products और फूड इंग्रेडिएंट्स जैसे नए सेक्टर में उतरना कंपनी के लिए ग्रोथ का एक नया रास्ता खोल सकता है, जिससे यह बड़े मार्केट का फायदा उठा सकेगी।

पुरानी कहानी

पहले Indsoya Limited के नाम से जानी जाने वाली इस कंपनी ने हाल ही में अपना नाम बदलकर Apollo Ingredients Limited किया है। पिछले वितीय वर्ष में कंपनी ने राइट्स इश्यू के ज़रिए ₹5 करोड़ जुटाए थे। हालांकि, इसमें से ₹3 करोड़ का इस्तेमाल एक रिलेटेड पार्टी को जमीन और बिल्डिंग के लीज़ पेमेंट के लिए किया गया था, जो शुरुआती उद्देश्यों से अलग था, लेकिन शेयरहोल्डर्स ने बाद में इसे मंजूरी दे दी थी।

क्या बदला अब?

Agro-Products और फूड इंग्रेडिएंट्स में बिज़नेस का विस्तार कंपनी का एक बड़ा स्ट्रैटेजिक कदम है। मैनेजमेंट में भी बदलाव हुए हैं। श्री किरीट घनश्याम मुटरेजा को मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया है और श्री अमोल दिनकर निगुड़कर को 15 मई, 2026 से एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।

किन खतरों पर नज़र?

कंपनी को BSE से ₹2.06 लाख का रेगुलेटरी फाइन भरना पड़ा है। ऑडिटर्स ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वितीय वर्ष के लिए फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स के ऑडिट ट्रेल को बनाए रखने में कंप्लायंस की कमी पाई है। साथ ही, BSE पोर्टल पर कंपनी के नाम में बदलाव को अपडेट करने में भी एडमिनिस्ट्रेटिव देरी हुई। ये सभी बातें कंपनी के गवर्नेंस और कंप्लायंस से जुड़े कुछ मुद्दों की ओर इशारा करती हैं।

आगे क्या देखें?

इन्वेस्टर्स अब कंपनी की नई Agro-Products और फूड इंग्रेडिएंट्स बिज़नेस स्ट्रेटेजी को लागू होते हुए देखना चाहेंगे। साथ ही, रेगुलेटरी कंप्लायंस, खासकर ऑडिट ट्रेल की ज़रूरत और एक्सचेंज पोर्टल पर समय पर अपडेट पर लगातार नज़र रखना अहम होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.