कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में मामूली गिरावट, पर स्टैंडअलोन में दमदार
Apis India Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹25.32 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹25.34 करोड़ से मामूली कम है। लेकिन, कंपनी के स्टैंडअलोन नतीजों ने निवेशकों को राहत दी है। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹24.26 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹21.02 करोड़ की तुलना में 15.41% की अच्छी बढ़त दिखाता है।
नए ऑडिटर और सेल्स हेड की नियुक्ति
कंपनी ने S S Kothari Mehta & Co. LLP को अगले 5 सालों के लिए अपना नया स्टैच्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditor) नियुक्त किया है। इसके साथ ही, FMCG सेक्टर में 25 सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले अरुण कुमार मिश्रा को नेशनल सेल्स हेड (National Sales Head) बनाया गया है। यह नियुक्तियां कंपनी के गुड गवर्नेंस और ग्रोथ स्ट्रेटेजी की ओर इशारा करती हैं।
ऑडिटर की चिंताएं और भविष्य के लिए क्या
कंपनी के ऑडिटर ने कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान दिलाया है, जो निवेशकों के लिए जानना जरूरी है:
- विवादित ट्रेड रिसीवेबल्स (Disputed Trade Receivables): ₹3.59 करोड़ के ऐसे बकाए जिन पर विवाद है।
- फॉरेन डेटर्स पर क्रेडिट लॉस प्रोविजन (Credit Loss Provision): विदेशी देनदारों पर ₹7.30 करोड़ का प्रोविजन।
- फॉरेन करेंसी एक्सपोर्ट प्रोसीड्स में देरी: ₹5.24 करोड़ की विदेशी मुद्रा निर्यात आय FEMA की समय-सीमा से देरी से आई है, जिसके लिए कंपनी ने माफी (Condonation) मांगी है।
ये मुद्दे कंपनी के वर्किंग कैपिटल पर दबाव डाल सकते हैं और रेगुलेटरी कंप्लायंस से जुड़े जोखिम भी पैदा कर सकते हैं।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब विवादित बकाए के समाधान, विदेशी मुद्रा आय में देरी को लेकर मांगी गई माफी के नतीजों और नए सेल्स हेड के आने के बाद कंपनी की सेल्स पर पड़ने वाले प्रभाव पर नजर रखनी चाहिए।
