Aditya Vision ने FY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **18.2%** बढ़कर **₹2,671.62 करोड़** रहा, वहीं नेट प्रॉफिट **10.8%** बढ़कर **₹116.92 करोड़** दर्ज किया गया। कंपनी ने अपने स्टोर नेटवर्क को बढ़ाकर **207** कर लिया है और **125%** डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
आदित्य विजन ने FY26 में 18.2% की दमदार ग्रोथ दर्ज की
कंपनी का रेवेन्यू ₹2,671.62 करोड़ रहा, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹116.92 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, EBITDA में 11.7% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹227.90 करोड़ रहा।
निवेशकों के लिए खुशखबरी: 125% डिविडेंड की सिफारिश
कंपनी ने पूरे साल में 32 नए स्टोर खोलकर अपने रिटेल फुटप्रिंट को 207 तक पहुंचाया है। इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए, बोर्ड ने 125% यानी ₹1.25 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है।
क्यों यह खबर अहम है?
कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल नतीजे इसकी मजबूती को दर्शाते हैं। यह दिखाता है कि कैसे कंपनी मौसम की मार झेलने के बाद भी रिकवर कर सकती है और अपनी प्रोडक्ट कैटेगरी में अच्छी डिमांड बनाए रख सकती है। स्टोर का लगातार विस्तार और नए राज्यों में प्रवेश करने की योजनाएं कंपनी की ग्रोथ की दिशा को साफ करती हैं। लगातार डिविडेंड का भुगतान शेयरधारकों को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
पिछली कहानी क्या है?
पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में आदित्य विजन का रेवेन्यू ₹2,259.77 करोड़ और PAT ₹105.49 करोड़ था। कंपनी 'क्रीपिंग क्लस्टर अप्रोच' का इस्तेमाल करके कम सेवा वाले जिलों में अपनी पहुंच बढ़ा रही है। इस साल के नतीजे पिछले प्रदर्शन पर आधारित इस ग्रोथ स्ट्रेटेजी को जारी रखते हुए दिख रहे हैं।
अब क्या बदलेगा?
फाइनेंशियल ईयर खत्म होने के साथ, अब फोकस 20-25% CAGR ग्रोथ के टारगेट को पूरा करने पर है। कंपनी वेस्ट बंगाल और मध्य प्रदेश जैसे नए राज्यों में प्रवेश करने की योजना बना रही है, जिससे कंपनी का भौगोलिक विस्तार होगा। निवेशक मैनेजमेंट की क्षमता पर नजर रखेंगे कि वह इस विस्तार के दौरान ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखने और लागतों को कैसे मैनेज करते हैं।
किन जोखिमों पर नजर रखें?
मुख्य जोखिमों में सीजनल डिपेंडेंस (खासकर कूलिंग प्रोडक्ट्स के लिए) और सप्लाई चेन में रुकावटें, कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे मैक्रोइकॉनॉमिक हेडविंड्स शामिल हैं। बिक्री का एक बड़ा हिस्सा (FY26 में 53%) कंज्यूमर फाइनेंसिंग पार्टनर्स पर निर्भर है, जो एक डिपेंडेंसी रिस्क को उजागर करता है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को वेस्ट बंगाल और मध्य प्रदेश में कंपनी की सफल एंट्री, ग्रोथ मोमेंटम को बनाए रखने की क्षमता और विस्तार योजनाओं के अनुरूप ऑपरेशनल खर्चों के प्रबंधन पर नजर रखनी चाहिए। 20-25% CAGR ग्रोथ टारगेट का एग्जीक्यूशन एक अहम मीट्रिक होगा।
