ADF Foods के शेयर रॉकेट! ₹683.2 करोड़ का रेवेन्यू, नई प्लांट से क्षमता बढ़ी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
ADF Foods के शेयर रॉकेट! ₹683.2 करोड़ का रेवेन्यू, नई प्लांट से क्षमता बढ़ी

ADF Foods ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए अपने शानदार नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **15.9%** बढ़कर **₹683.2 करोड़** पर पहुंच गया है। इस ग्रोथ में नए प्लांट की शुरुआत और अमेरिका में रिटेल उपस्थिति का विस्तार अहम रहा, जिससे कंपनी की फूड प्रोसेसिंग क्षमता बढ़कर **38,000 MT** हो गई है।

ADF Foods का शानदार प्रदर्शन, ऑपरेशंस में बड़े कदम

ADF Foods ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए दमदार फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹589.6 करोड़ की तुलना में 15.9% बढ़कर ₹683.2 करोड़ दर्ज किया गया। इसके अलावा, EBITDA में 32.8% की जोरदार बढ़ोतरी हुई, जो ₹98.4 करोड़ से बढ़कर ₹130.7 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन भी 16.7% से सुधरकर 19.1% पर पहुंच गया।

मुनाफे में भी बड़ा उछाल

कंपनी ने प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी शानदार वृद्धि दर्ज की है। एक्सेप्शनल आइटम्स को छोड़कर, PAT 39.7% बढ़कर ₹69.3 करोड़ से ₹96.8 करोड़ पर पहुंच गया। ये नतीजे कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल परफॉरमेंस और बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट को दर्शाते हैं।

सूरत में नया प्लांट और US में पैठ

FY26 की चौथी तिमाही (Q4) में, ADF Foods ने गुजरात के सूरत में अपने ग्रीनफील्ड प्लांट को सफलतापूर्वक चालू किया। इस नए प्लांट से कंपनी की सालाना फूड प्रोसेसिंग क्षमता में करीब 10,000 MT की बढ़ोतरी हुई है, जिससे कुल क्षमता 38,000 MT तक पहुंच गई है। कंपनी का अनुमान है कि यह प्लांट पूरी क्षमता से चलने पर ₹250 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट कर सकता है।

इसके साथ ही, कंपनी ने अमेरिका में अपने 'Truly Indian' ब्रांड की रिटेल मौजूदगी का विस्तार किया है। अब यह 3,000 से ज़्यादा स्टोर्स में उपलब्ध है, जिसमें Costco, Safeway-Albertsons और Whole Foods Market जैसे प्रमुख रिटेलर्स शामिल हैं।

भविष्य की राह और जोखिम

कंपनी का लक्ष्य है कि अगर जियो-पॉलिटिकल स्थिति स्थिर रहती है, तो FY27 में रेवेन्यू ₹900 करोड़ के पार जा सकता है। हालांकि, निवेशकों को दो बड़े जोखिमों पर भी नजर रखनी होगी: पहला, Ascot Valley Foods, Ltd. द्वारा दायर एक सिविल कंप्लेंट, जो संभावित कानूनी और वित्तीय मुश्किलें पैदा कर सकती है। दूसरा, US ट्रेड टैरिफ और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष जैसे बाहरी कारक, जो कंपनी की सप्लाई चेन और लागत को प्रभावित कर सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.