Stratmont Industries ने वित्त वर्ष 2025-26 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **101.3%** बढ़कर **₹186.62 करोड़** पर पहुंच गया है और कंपनी घाटे से उबरकर **₹2.62 करोड़** के नेट प्रॉफिट में आ गई है।
शानदार टर्नअराउंड और वित्तीय स्थिति
Stratmont Industries के लिए यह फाइनेंशियल ईयर टर्नअराउंड वाला रहा है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹92.70 करोड़ से बढ़कर इस साल ₹186.62 करोड़ हो गया है। मुनाफे की बात करें तो कंपनी पिछले साल ₹1.04 करोड़ के घाटे में थी, जो अब ₹2.62 करोड़ के नेट प्रॉफिट में बदल चुका है। हालांकि, मुनाफे के साथ कंपनी के खर्च भी ₹183.09 करोड़ तक पहुंच गए हैं।
AGM में बड़े फैसलों पर नजर
कंपनी अपनी 42वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 30 सितंबर, 2026 को मुंबई में आयोजित करने वाली है। इस मीटिंग में शेयरधारक दो बड़े प्रस्तावों पर वोट करेंगे:
- उधार लेने की सीमा: कंपनी अपनी बरोइंग पावर को बढ़ाकर ₹200 करोड़ तक करना चाहती है।
- निवेश की सीमा: सेक्शन 186 के तहत लोन, गारंटी और इन्वेस्टमेंट के लिए भी ₹200 करोड़ की सीमा का प्रस्ताव रखा गया है।
ये सीमाएं केवल 'एनेबलिंग लिमिट' हैं, जिसका अर्थ है कि कंपनी को भविष्य में पूंजी जुटाने या निवेश करने में आसानी होगी, लेकिन इसका अंतिम असर इस पर निर्भर करेगा कि कंपनी इस पैसे का उपयोग कैसे करती है।
अन्य महत्वपूर्ण अपडेट्स
- डिविडेंड: कंपनी ने इस साल ₹0.10 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड पहले ही दिया है।
- एग्जिट: कंपनी ने मार्च 2026 में अपनी सब्सिडियरी, 'Stratmont Coal and Commodity Private Limited' से पूरी तरह अपना हिस्सा बेच दिया है।
- मैनेजमेंट बदलाव: कंपनी के CFO गणेश यादव ने 25 जून, 2026 को अपना पद छोड़ दिया है। इसके अलावा, AGM में नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति और मौजूदा डायरेक्टर्स के कार्यकाल बढ़ाने पर भी मुहर लगेगी।
निवेशकों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी रेवेन्यू ग्रोथ के साथ-साथ अपने मुनाफे के मार्जिन को भी आगे बरकरार रख पाती है या नहीं।
