Pervasive Commodities के नतीजों पर ऑडिटर्स की पैनी नज़र
Pervasive Commodities Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने मार्च तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट में पिछले तिमाही के मुकाबले 1770% की जबरदस्त उछाल के साथ ₹14.72 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 431.23% की भारी बढ़ोतरी हुई और यह ₹32.83 करोड़ तक पहुंच गया।
हालांकि, शानदार तिमाही नतीजों के बावजूद, कंपनी पूरे फाइनेंशियल ईयर में नेट लॉस में रही। कंपनी के स्टेटुटरी ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट में कुछ 'Other Matter' पैराग्राफ्स को हाईलाइट किया है, जो कंपनी के गवर्नेंस और एसेट क्वालिटी को लेकर सवाल खड़े करते हैं।
निवेशकों के लिए चिंता का सबब: एसेट वेरिफिकेशन में गड़बड़ी
तिमाही के ये शानदार आंकड़े FY26 की आखिरी तिमाही में कंपनी की ऑपरेशनल रिकवरी का संकेत देते हैं। लेकिन, ऑडिटर की चिंताओं ने निवेशकों के लिए बड़ा रिस्क पैदा कर दिया है। कंपनी ₹24.59 करोड़ के ऐसे लोन और एडवांसेज को वेरिफाई नहीं कर पाई है, जिनका कोई प्रमाण नहीं मिला है। इसके अलावा, कंपनी के पास रखे गोल्ड बार इन्वेंटरी का कोई बीमा भी नहीं है। इन बातों से कंपनी की एसेट क्वालिटी और इंटरनल कंट्रोल पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बिज़नेस का फोकस और शेयर स्प्लिट
Pervasive Commodities का पूरा बिज़नेस 'एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट ट्रेडिंग' सेगमेंट में है। कंपनी ने इसी साल गोल्ड बार खरीदे हैं, जिन्हें स्टॉक में रखा गया है, लेकिन इनकी कोई बिक्री दर्ज नहीं हुई है। पिछली तिमाही में, बोर्ड के फैसले के बाद पेरिशेबल स्टॉक को डिस्पोज़ कर दिया गया था। इसके अलावा, कंपनी ने 7 अप्रैल 2025 से अपने इक्विटी शेयर फेस वैल्यू को ₹10 से घटाकर ₹1 कर दिया है।
ऑडिटर की चिंताओं पर कंपनी का जवाब?
निवेशक अब Pervasive Commodities से ऑडिटर की इन टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण की उम्मीद कर रहे हैं। कंपनी मैनेजमेंट को यह बताना होगा कि वे बकाया लोन और एडवांसेज को वेरिफाई करने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं और अपने गोल्ड इन्वेंटरी का बीमा कब कराएंगे। निवेशकों का भरोसा वापस पाने के लिए ये कदम बेहद जरूरी हैं।
मुख्य जोखिम (Key Risks)
ऑडिटर द्वारा बताई गई मुख्य चिंताओं में ₹24.59 करोड़ के लोन और एडवांसेज का रिकवर न हो पाना, और बीमा रहित गोल्ड इन्वेंटरी के खोने या चोरी होने का रिस्क शामिल है। इसके अलावा, सरकारी ड्यूज के भुगतान में अनियमितताएं भी कंप्लायंस का रिस्क बढ़ाती हैं।
अहम फाइनेंशियल आंकड़े
- रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Q4 FY26): ₹32.83 करोड़ (Q3 FY26 में ₹6.18 करोड़ था)
- नेट प्रॉफिट (Q4 FY26): ₹14.72 करोड़ (Q3 FY26 में ₹0.79 करोड़ था)
- अनवेरिफाइड लोन और एडवांसेज: ₹24.59 करोड़
- इक्विटी शेयर स्प्लिट: फेस वैल्यू ₹10 से बदलकर ₹1 (प्रभावी: 7 अप्रैल 2025)
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को Pervasive Commodities की तरफ से लोन और एडवांसेज के वेरिफिकेशन और गोल्ड इन्वेंटरी के इंश्योरेंस स्टेटस पर आने वाले अपडेट्स पर नज़र रखनी चाहिए। पूरे साल के नेट लॉस को लेकर भी कंपनी के स्पष्टीकरण पर ध्यान देना अहम होगा।
