Pervasive Commodities ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू **₹43.06 करोड़** तक पहुंच गया है। हालांकि, कृषि उत्पादों के नुकसान (Write-off) के चलते कंपनी को **₹4.31 लाख** का नेट लॉस झेलना पड़ा है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
कंपनी का कामकाज का दायरा तो बढ़ा है, लेकिन मुनाफे पर तगड़ा असर पड़ा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का रेवेन्यू ₹30.28 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹43.06 करोड़ हो गया है। मुनाफे को बड़ा झटका तब लगा जब कंपनी को कृषि उत्पादों (Agricultural Produce) के विनाश के चलते ₹16.47 करोड़ का एक्सेप्शनल चार्ज देना पड़ा। इसके चलते कंपनी जो पिछले साल ₹8.88 लाख के मुनाफे में थी, वह अब ₹4.31 लाख के नुकसान में आ गई है।
AGM और भविष्य की योजनाएं
कंपनी अपनी 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 26 सितंबर, 2026 को आयोजित करने जा रही है। इस बैठक में मैनेजमेंट शेयरधारकों से ₹500 करोड़ तक की लेंडिंग और इन्वेस्टमेंट लिमिट बढ़ाने के लिए मंजूरी मांगेगा। यह कदम कंपनी को भविष्य में कैपिटल एलोकेशन के लिए अधिक फ्लेक्सिबिलिटी देगा।
रेगुलेटरी चिंताएं (Regulatory Hurdles)
निवेशकों के लिए एक बड़ी चिंता कंपनी की रेगुलेटरी कम्प्लायंस है। लेटेस्ट सेक्रेटेरियल ऑडिट में SEBI के नियमों (LODR) और कंपनी एक्ट के कई उल्लंघन पाए गए हैं, जिसमें बोर्ड कंपोजिशन, ऑडिट कमिटी और नॉमिनेशन कमिटी से जुड़े मानक शामिल हैं। कंपनी ने इन कमियों के लिए वेवर (Waiver) एप्लीकेशन फाइल की है, जिस पर फैसला आना अभी बाकी है।
