Parshva Enterprises को DGFT से चांदी (Silver) के इंपोर्ट के लिए बड़ी राहत मिली है। कंपनी अब सीधे 10 ग्लोबल मार्केट्स से चांदी के दाने और बार मंगा सकेगी। यह 6 महीने का लाइसेंस कंपनी की सप्लाई चेन को और भी मजबूत बनाएगा।
अब सीधे ग्लोबल मार्केट से होगी चांदी की खरीद
कंपनी को मिली यह मंजूरी प्रीसियस मेटल्स (Precious Metals) के कारोबार में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। 21 अक्टूबर 2026 को जारी इस लाइसेंस के तहत Parshva Enterprises अब USA, UK, UAE, कनाडा, जर्मनी, इटली, कजाकिस्तान, मैक्सिको, सिंगापुर और स्विट्जरलैंड से चांदी का इंपोर्ट कर पाएगी।
क्यों है यह निवेशकों के लिए अहम?
भारत में चांदी का इंपोर्ट कड़े नियमों के दायरे में आता है। अभी तक कंपनी को घरेलू बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे लागत बढ़ जाती थी। अब सीधे इंपोर्ट करने से कंपनी की इन्वेंट्री कॉस्ट (Inventory Cost) पर बेहतर कंट्रोल होगा और सप्लाई चेन में स्थिरता आएगी।
रिस्क और आगे का रास्ता
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह ऑथराइजेशन केवल 6 महीने के लिए है। भविष्य में इस लाइसेंस का रिन्यूअल कंपनी के लिए एक बड़ा ट्रिगर होगा। साथ ही, कंपनी को कमोडिटी के दाम में होने वाले उतार-चढ़ाव (Volatility) से निपटने के लिए अपनी हेजिंग स्ट्रैटेजी पर नजर रखनी होगी। बाजार अब यह देखेगा कि कंपनी इस कोटा का इस्तेमाल कितनी कुशलता से करती है।
