Hindustan Zinc ने Q2 FY27 के लिए अब तक के सबसे शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **142%** बढ़कर **₹6,412 करोड़** पहुंच गया है, जबकि रेवेन्यू में **77%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मुनाफे की नई ऊंचाई
Hindustan Zinc ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार परफॉर्मेंस दिखाई है। कंपनी का रेवेन्यू 77% बढ़कर ₹15,093 करोड़ हो गया है, जबकि EBITDA मार्जिन 62% पर काफी मजबूत बना हुआ है।
लागत में कटौती और दक्षता
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खबर कंपनी की कॉस्ट गाइडेंस में कटौती है। Hindustan Zinc ने अपनी फुल-ईयर जिंक प्रोडक्शन कॉस्ट (COP) गाइडेंस को $975–$1,000 प्रति टन से घटाकर $825–$850 प्रति टन कर दिया है। यह सुधार बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सिल्वर (Silver) से होने वाली कमाई की वजह से संभव हुआ है।
प्रोडक्शन और कैश फ्लो के आंकड़े
- माइंड मेटल: 5% की बढ़ोतरी।
- रिफाइंड मेटल: 7% का उछाल।
- सिल्वर प्रोडक्शन: 20% की बढ़त के साथ 173 टन।
कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत स्थिति में है। तिमाही के अंत में कंपनी के पास ₹11,268 करोड़ का नेट कैश बैलेंस है। कंपनी का फ्री कैश फ्लो ₹6,389 करोड़ रहा, जो इसके ₹5,000 करोड़ के सालाना कैपेक्स प्लान को मजबूती देता है।
जोखिम और भविष्य की राह
हालांकि नतीजे शानदार हैं, लेकिन मैनेजमेंट ने ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव और लॉजिस्टिक दबावों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है। ये चुनौतियां प्रति टन $50 का अतिरिक्त दबाव बना रही हैं। फिलहाल, निवेशकों की नजर कंपनी के 250 KTPA विस्तार प्रोजेक्ट और सालाना 680 टन सिल्वर उत्पादन के लक्ष्य पर बनी रहेगी।
