Valiant Organics ने अपने FY26 के नतीजों में जोरदार रिकवरी दिखाई है। कंपनी ने **₹739 करोड़** का रेवेन्यू और **₹34 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले घाटे से एक बड़ा सुधार है।
फाइनेंशियल रिकवरी और मुनाफे की रफ्तार
कंपनी ने अपनी 21वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में प्रदर्शन के आंकड़े जारी किए हैं। FY26 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹739 करोड़ रहा है, जबकि EBITDA ₹101 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया। पिछले साल के मुकाबले EBITDA मार्जिन में भी जबरदस्त सुधार हुआ है, जो अब 13.64% पर आ गया है, जबकि FY25 में यह 8.59% था।
क्यों बढ़ रही है कंपनी?
इस ग्रोथ के पीछे कंपनी की कोर केमिस्ट्री का बड़ा हाथ है। कंपनी के रेवेन्यू में हाइड्रोजनेशन (Hydrogenation) का योगदान 48%, अमोनीलिसिस (Ammonolysis) का 26% और क्लोरिनेशन (Chlorination) का 20% है। ये प्रोडक्ट्स मुख्य रूप से डाइस, पिगमेंट और एग्रो-केमिकल सेक्टर की मांग को पूरा करते हैं।
सब्सिडियरी का असर
निवेशकों को यह समझना होगा कि Valiant Laboratories Limited (VLL) के डिवेस्टमेंट के बाद कंपनी के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल आंकड़े पिछले वर्षों से पूरी तरह मेल नहीं खाते हैं। अक्टूबर 2023 में स्टेक कम होने के बाद VLL अब एक सब्सिडियरी के तौर पर कंसोलिडेट नहीं होती है।
आगे की राह और रिस्क
कंपनी का नेट डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.33x है, जो काफी मजबूत स्थिति है। कंपनी की कुल प्रोडक्शन क्षमता 80,000 TPA है। हालांकि, निवेशकों को स्पेशलिटी केमिकल सेक्टर में कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और इंपोर्ट पर निर्भरता के रिस्क पर नजर रखनी चाहिए।
