UPL Limited ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **₹11,860 करोड़** रहा है, जबकि नेट प्रॉफिट घटकर **₹452 करोड़** पर आ गया है। निवेशक अब कंपनी के डिमर्जर प्लान पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं।
नतीजों का विश्लेषण\n\nUPL ने सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश किए हैं। पिछले साल की समान अवधि के ₹12,019 करोड़ के मुकाबले इस बार रेवेन्यू ₹11,860 करोड़ दर्ज किया गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹612 करोड़ से गिरकर ₹452 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, स्टैंडअलोन रेवेन्यू में उछाल देखने को मिला है, जो पिछले साल के ₹1,512 करोड़ से बढ़कर ₹1,826 करोड़ रहा है।\n\n### डिमर्जर पर है निवेशकों की नजर\n\nबाजार की नजरें कंपनी की रीस्ट्रक्चरिंग प्लान पर टिकी हैं। फरवरी 2026 में कंपनी ने अपने इंडिया क्रॉप प्रोटेक्शन बिजनेस को अलग करने का फैसला लिया था। BSE, NSE और कॉम्पिटिशन कमीशन से मंजूरी मिलने के बाद अब कंपनी को NCLT और शेयरधारकों की अंतिम मुहर का इंतजार है।\n\n### टैक्स मोर्चे पर चुनौतियां\n\nकंपनी के लिए एक जोखिम का विषय टैक्स विवाद भी है। भारतीय टैक्स अधिकारी कंपनी की विदेशी सब्सिडियरीज के 'Place of Effective Management' (POEM) प्रावधानों को लेकर जांच कर रहे हैं। हालांकि कंपनी इसे कानूनी रूप से चुनौती देने की तैयारी में है। इस तिमाही के मुनाफे में ₹57 करोड़ का वन-टाइम सेटलमेंट और ₹75 करोड़ का VAT प्रोविजन रिवर्सल भी शामिल है, जिसने नतीजों को प्रभावित किया है।