Tuticorin Alkali Chemicals ने Q2 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी की सेल्स में **41.7%** की जबरदस्त तेजी के साथ रेवेन्यू **₹113.35 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन कच्चा माल महंगा होने के कारण नेट प्रॉफिट **₹9.56 करोड़** से घटकर महज **₹4.14 करोड़** रह गया है।
मुनाफे पर क्यों लगा ग्रहण?
कंपनी का कामकाज तो तेजी से बढ़ा है, लेकिन ग्लोबल मार्केट में अमोनिया की कीमतों में अस्थिरता ने मार्जिन पर भारी दबाव डाल दिया है। कंपनी ने टैक्स रेट में कटौती का लाभ लिया, फिर भी बढ़ती कॉस्ट और फाइनेंशियल खर्चों के सामने मुनाफा नहीं टिक पाया।
इंश्योरेंस का मिला सहारा
कंपनी ने इस तिमाही में ₹2.78 करोड़ की 'अदर इनकम' दर्ज की है, जो दिसंबर 2023 में आई बाढ़ के दौरान हुए नुकसान के लिए मिले इंश्योरेंस सेटलमेंट से आई है। हालांकि, मुख्य मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस में आई चुनौतियों ने इस कमाई का असर बेअसर कर दिया।
आगे क्या है रिस्क?
निवेशकों को अब इन बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- अमोनिया की कीमतें: कंपनी का कच्चा माल आयातित है, जिससे सप्लाई चेन रिस्क बना हुआ है।
- ब्याज का बोझ: बढ़ते फाइनेंशियल खर्च कंपनी के बॉटम लाइन को लगातार प्रभावित कर रहे हैं।
- प्राइसिंग पावर: क्या कंपनी अपनी बढ़ती लागत को ग्राहकों पर डाल पाएगी? यही आगे शेयर के प्रदर्शन को तय करेगा।
