ICRA ने Thirumalai Chemicals के क्रेडिट रेटिंग को डाउनग्रेड कर दिया है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका में चल रहे प्रोजेक्ट की लागत का बढ़ना और समय-सीमा का लंबा होना है। कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़ने से लिक्विडिटी (Liquidity) पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
ICRA ने Thirumalai Chemicals को दिया झटका
रेटिंग एजेंसी ICRA ने Thirumalai Chemicals Ltd (TCL) की क्रेडिट रेटिंग में कटौती कर दी है। कंपनी की लिक्विडिटी (Liquidity) और बढ़ते कर्ज को लेकर चिंताओं के चलते यह फैसला लिया गया है। खासकर अमेरिका में चल रहे प्रोजेक्ट की लागत में भारी इजाफा इसके पीछे का बड़ा कारण है।
रेटिंग में क्या हुई कटौती?
ICRA ने लॉन्ग-टर्म लोन, वर्किंग कैपिटल और नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स के लिए रेटिंग को [ICRA]BBB+ (Negative) से घटाकर [ICRA]BBB (Negative) कर दिया है। वहीं, शॉर्ट-टर्म नॉन-फंड बेस्ड इंस्ट्रूमेंट्स की रेटिंग [ICRA]A2 से घटाकर [ICRA]A3+ कर दी गई है।
क्यों आई ये बड़ी गिरावट?
इस रेटिंग में कटौती का सीधा मतलब है कि Thirumalai Chemicals के लिए वित्तीय जोखिम (Financial Risk) बढ़ गया है। कंपनी अपने अमेरिकी प्रोजेक्ट के लिए अतिरिक्त कर्ज ले रही है, जिससे उसका लीवरेज (Leverage) बढ़ेगा और लिक्विडिटी पर दबाव आएगा। खासकर FY2027 से कंपनी पर बड़े लोन चुकाने का बोझ आ जाएगा।
अमेरिका प्रोजेक्ट का पूरा सच
Thirumalai Chemicals के अमेरिकी प्रोजेक्ट की लागत अब बढ़कर USD 340 मिलियन हो गई है, जो पहले USD 255 मिलियन थी। प्रोजेक्ट के शुरू होने की उम्मीद अब दिसंबर 2026 तक है, जबकि पहले यह जून/जुलाई 2026 में शुरू होना था। इस देरी और लागत वृद्धि के पीछे अमेरिका में बढ़ी कंस्ट्रक्शन कॉस्ट, स्किल्ड लेबर की मांग, ज्यादा ब्याज खर्च और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट की बढ़ी हुई लागत जैसे कारण बताए जा रहे हैं।
अब आगे क्या?
कंपनी को इस कॉस्ट ओवररन (Cost Overrun) को पूरा करने के लिए और ज्यादा कर्ज लेना पड़ सकता है। इससे कंपनी का वित्तीय लीवरेज और बढ़ेगा और लिक्विडिटी प्रोफाइल पर दबाव बढ़ेगा, क्योंकि FY2027 से लोन की किश्तें आनी शुरू हो जाएंगी।
किन जोखिमों पर नज़र रखें?
Thirumalai Chemicals ने FY2026 में लेंडर्स के साथ फाइनेंशियल कोवेनेंट्स (Financial Covenants) को तोड़ा था, जिसके लिए उन्हें वेवर (Waiver) लेना पड़ा था। भविष्य में कोवेनेंट्स का पालन करना और ऐसे वेवर हासिल करना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा। कंपनी की 'स्ट्रेच्ड' लिक्विडिटी पोजीशन चिंता का विषय है, क्योंकि आने वाले लोन की देनदारियों के मुकाबले अन-एनकम्ब्रड कैश (Unencumbered Cash) सीमित है।
भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बातें
निवेशकों को Thirumalai Chemicals की तरफ से कर्ज पर चल रहे कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) को मैनेज करने की क्षमता और लेंडर कोवेनेंट्स के पालन पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। अमेरिकी प्रोजेक्ट का सफलतापूर्वक पूरा होना और बिना किसी देरी या अतिरिक्त लागत के तेजी से आगे बढ़ना कंपनी के लिए सबसे जरूरी होगा।
