Talbros Automotive Components ने Lohum Cleantech के साथ मिलकर एक जॉइंट वेंचर (JV) बनाया है। इस नए वेंचर में Talbros की 49% हिस्सेदारी होगी और यह रीकवर्ड कार्बन ब्लैक (rCB) और डेवल्केनाइज्ड रबर पर फोकस करेगा। कंपनी का नाम 'Lohum Talbros CarbonTech' होगा।
क्या है यह नई डील?
Talbros Automotive Components लिमिटेड और Lohum Cleantech प्राइवेट लिमिटेड ने 2 जुलाई 2026 को एक जॉइंट वेंचर (JV) एग्रीमेंट साइन किया है। इस समझौते के तहत, 'Lohum Talbros CarbonTech प्राइवेट लिमिटेड' नाम की एक नई कंपनी बनाई गई है। यह कंपनी मुख्य रूप से रीकवर्ड कार्बन ब्लैक (rCB) और डेवल्केनाइज्ड रबर के निर्माण, उत्पादन और रिफाइनिंग का काम करेगी।
क्यों यह है अहम?
यह पार्टनरशिप Talbros Automotive के लिए एक बड़ा रणनीतिक कदम है। कंपनी अब सस्टेनेबल मैटेरियल्स के सेक्टर में एंट्री कर रही है, जो ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में सर्कुलर इकोनॉमी के बढ़ते ट्रेंड्स के अनुरूप है। इस JV का मकसद Lohum की रीकवर्ड कार्बन ब्लैक (rCB) बनाने की टेक्नोलॉजिकल एक्सपर्टीज का फायदा उठाना है, साथ ही Talbros के अपने मौजूदा OEM (Original Equipment Manufacturer) कस्टमर्स तक सीधी पहुंच का लाभ लेना है।
JV की पूरी जानकारी
इस जॉइंट वेंचर के लिए शुरुआती पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹0.01 करोड़ (यानी ₹1 लाख) रखी गई है। नई कंपनी, Lohum Talbros CarbonTech प्राइवेट लिमिटेड में Lohum Cleantech की 51% हिस्सेदारी होगी, जबकि Talbros Automotive Components 49% स्टेक रखेगी। इस JV के बोर्ड में कुल पांच डायरेक्टर्स होंगे, जिनमें से तीन Lohum Cleantech की तरफ से और दो Talbros Automotive की तरफ से होंगे।
आगे क्या?
फिलहाल, इस जॉइंट वेंचर का ऑपरेशन अभी शुरू नहीं हुआ है। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी होगी कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में कितनी प्रगति होती है और प्रोडक्शन कब से शुरू हो पाएगा। इसके साथ ही, रीकवर्ड कार्बन ब्लैक और डेवल्केनाइज्ड रबर के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में यह JV कैसा प्रदर्शन करती है, यह भी देखने वाली बात होगी।
