TANFAC Industries ने फाइनेंशियल ईयर **2026** में रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है। कंपनी का रेवेन्यू **27.67%** बढ़कर **₹711.07 करोड़** पर पहुंच गया है। अच्छी खबर यह है कि QIP के बाद कंपनी अब पूरी तरह से नेट डेट-फ्री (Net Debt-free) हो गई है।
मुनाफे का गणित और बैलेंस शीट में सुधार
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹70.14 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है। डिमांड में मजबूती के कारण रेवेन्यू में बड़ी उछाल दिखी है, हालांकि कच्चे माल की बढ़ती लागत के चलते ऑपरेटिंग एबिटडा (EBITDA) मार्जिन 15.76% पर रहा, जो पिछले साल 23.14% था। राहत की बात यह है कि ₹250 करोड़ के QIP के जरिए कंपनी अब कर्ज के जाल से पूरी तरह बाहर निकल चुकी है।
बड़े ऑर्डर और फ्यूचर प्रोजेक्ट्स
कंपनी ने सोलर-ग्रेड DHF के लिए 20,000 TPA की क्षमता शुरू कर दी है। ऑर्डर बुक की स्थिति काफी मजबूत है, जिसके तहत 2029 तक ₹1,068 करोड़ के DHF ऑर्डर कंपनी के पास पहले से ही मौजूद हैं। वहीं, HFC-32 प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है, जिसके 2027 की तीसरी तिमाही (Q3 FY27) तक शुरू होने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट की 67.5% क्षमता के लिए एग्रीमेंट्स पहले ही साइन किए जा चुके हैं।
डिविडेंड और कॉर्पोरेट बदलाव
शेयरहोल्डर्स को खुश करते हुए बोर्ड ने ₹4.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। इसके अलावा, कंपनी ने मैनेजमेंट में बदलाव करते हुए योगेश मित्तल को टेक्निकल और ऑपरेशंस का प्रेसिडेंट नियुक्त किया है।
निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी
आने वाले समय में कंपनी को कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और HFC-32 प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने पर नजर रखनी होगी। निवेशकों के लिए 23 सितंबर 2026 को होने वाली 52वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) महत्वपूर्ण होगी, जहाँ भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
