Supreme Petrochem Share: मुनाफे में आई गिरावट, फिर भी ₹8 डिविडेंड का ऐलान, जानें पूरी कहानी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Supreme Petrochem Share: मुनाफे में आई गिरावट, फिर भी ₹8 डिविडेंड का ऐलान, जानें पूरी कहानी

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Supreme Petrochem ने FY26 के लिए ₹327.31 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹390.52 करोड़ से कम है। कंपनी ने ₹8 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा है।

Supreme Petrochem का FY26 नतीजा: प्रॉफिट में गिरावट, डिविडेंड का ऐलान

नेट प्रॉफिट: ₹327.31 करोड़ | नेट सेल्स: ₹5,338.40 करोड़

पाठकों के लिए खास: रॉ मैटेरियल की बढ़ती कीमतें और मांग में कमी से मुनाफे पर असर, लेकिन कंपनी ने विकास की योजनाओं पर फोकस बनाए रखा है।

क्या हुआ?

Supreme Petrochem Ltd ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹327.31 करोड़ का नेट प्रॉफिट घोषित किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹390.52 करोड़ की तुलना में कम है। इसी के साथ, कंपनी की नेट सेल्स भी घटकर ₹5,338.40 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹6,023.38 करोड़ थी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी ₹605.78 करोड़ से घटकर ₹558.05 करोड़ पर आ गया।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

प्रॉफिट में यह गिरावट मुख्य रूप से कंपनी के प्रमुख रॉ मैटेरियल, स्टाइरीन मोनोमर (Styrene Monomer) की कीमत में 17% की कमी और कूलिंग एप्लायंसेज सेक्टर से घटती मांग के कारण हुई। इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है और बोर्ड ने ₹8 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इस प्रकार, FY25-26 के लिए कुल डिविडेंड ₹10.50 प्रति शेयर होगा।

पूरी कहानी

अप्रैल 2025 में, Supreme Petrochem ने Xmold Polymers Pvt Ltd में 80% हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया था, जिसका उद्देश्य ऑटोमोटिव और एप्लायंस सेक्टर में अपनी मौजूदगी को मजबूत करना है। इसके अलावा, कंपनी ने सितंबर 2025 में अपने अमदोशी कॉम्प्लेक्स में 70,000 MTA का नया mABS प्लांट और 20,000 TPA का कंपाउंडिंग यूनिट भी शुरू किया था।

अब क्या बदलेगा?

हालांकि, दिसंबर 2025 में एक नए mABS प्लांट में उपकरण खराबी के कारण अस्थायी शटडाउन का सामना करना पड़ा था, लेकिन अब यह फिर से चालू हो गया है और 65% क्षमता पर काम कर रहा है। मैनेजमेंट का लक्ष्य चालू वित्तीय वर्ष में 75-80% उपयोगिता प्राप्त करना है। Xmold Polymers का अधिग्रहण विशेष सेगमेंट में कंपनी की बाजार स्थिति को मजबूत करने की उम्मीद है।

जोखिम

कंपनी ने भू-राजनीतिक तनावों, विशेष रूप से पश्चिम एशिया युद्ध का उल्लेख किया है, जिसका लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है। थाईलैंड, ताइवान, ईरान और चीन से कम लागत वाले इम्पोर्ट्स से बढ़ती प्रतिस्पर्धा मार्जिन और बाजार हिस्सेदारी पर दबाव डाल रही है।

साथियों से तुलना

हालांकि FY26 के लिए विशिष्ट पीयर (Peer) वित्तीय डेटा फाइलिंग में प्रदान नहीं किया गया है, Supreme Petrochem पेट्रोकेमिकल और इंजीनियरिंग प्लास्टिक कंपाउंड बाजार में काम करती है, और इसे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है, जिसमें दक्षिण पूर्व एशिया और मध्य पूर्व के खिलाड़ी भी शामिल हैं।

आगे क्या देखें

निवेशक नए mABS प्लांट के लिए क्षमता उपयोग में वृद्धि और Xmold Polymers के अधिग्रहण के प्रभाव पर नजर रखेंगे। इम्पोर्ट ड्यूटी नीतियों में किसी भी बदलाव की निगरानी और कच्चे माल की कीमत में अस्थिरता तथा प्रतिस्पर्धी दबावों को प्रबंधित करने की कंपनी की क्षमता महत्वपूर्ण होगी।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.