Sudarshan Chemical Industries ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **₹30.5 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, साथ ही अपनी जर्मन यूनिट की बिक्री और नए अपॉइंटमेंट की जानकारी भी साझा की है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की झलक
कंपनी के ऑपरेशनल रेवेन्यू में शानदार ग्रोथ देखने को मिली है। इस तिमाही में रेवेन्यू बढ़कर ₹2,742.6 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹2,387.4 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹19.3 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹30.5 करोड़ दर्ज किया गया है।
बड़े बदलाव और रीस्ट्रक्चरिंग
कंपनी अपने पोर्टफोलियो को पूरी तरह से रीशफल कर रही है। सुदर्शन केमिकल ने VP4 Frankfurt GmbH में अपनी 100% हिस्सेदारी Celanese US Holdings LLC को EUR 75.8 मिलियन में बेच दी है। साथ ही, कंपनी ने Sudarshan Colorants India Limited में 15.89% हिस्सेदारी ₹150.8 करोड़ में खरीदी है। कंपनी ने अमित देशपांडे को नया कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर भी नियुक्त किया है।
मुनाफे पर क्यों है दबाव?
रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद बॉटम-लाइन पर कुछ दबाव दिखा है, जिसकी मुख्य वजह वन-टाइम रीस्ट्रक्चरिंग खर्च हैं। जर्मनी में एम्प्लॉई रीस्ट्रक्चरिंग के लिए ₹74.5 करोड़ का टर्मिनेशन बेनिफिट और ₹8.4 करोड़ के डिस्पोजल खर्च ने मुनाफे को प्रभावित किया है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों के लिए मुख्य फोकस इस बात पर होगा कि यह रीस्ट्रक्चरिंग भविष्य में मार्जिन को कितना फायदा पहुंचाती है। जब एक बार ये वन-टाइम खर्चे खत्म हो जाएंगे, तब कंपनी की असली ऑपरेशनल एफिशिएंसी का पता चलेगा। फिलहाल, 'सुदर्शन कलर्स' अधिग्रहण के बाद इंटीग्रेशन की प्रक्रिया पर नजर रखना जरूरी है।
