Stallion India का शानदार प्रदर्शन: FY26 में 14.4% रेवेन्यू ग्रोथ और 35.6% मुनाफा,
Stallion India Fluorochemicals Limited ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दमदार वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले वर्ष की तुलना में 14.4% बढ़कर ₹434.12 करोड़ हो गया। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 35.61% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹43.84 करोड़ पर पहुंच गया।
वित्तीय मुख्य बिंदु और प्रमुख प्रोजेक्ट्स
31 मार्च, 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए, Stallion India ने ₹434.12 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 14.4% अधिक है। अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेज, डेप्रिसिएशन और एमॉर्टाइजेशन (EBITDA) में 23.34% का इजाफा हुआ और यह ₹61.35 करोड़ रहा। PAT 35.61% बढ़कर ₹43.84 करोड़ हो गया।
कंपनी कई महत्वपूर्ण रणनीतिक पहलों पर काम कर रही है। राजस्थान के भीलवाड़ा में 10,000 मीट्रिक टन की नई R-32 निर्माण सुविधा के लिए पर्यावरण मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा, Stallion India आंध्र प्रदेश और खालापूर में नई सुविधाओं के विकास के साथ स्पेशियलिटी और हाई-प्योरिटी गैसों में अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रही है।
ग्रोथ का नज़रिया और रणनीतिक लक्ष्य
इन विस्तार पहलों का उद्देश्य कंपनी के महत्वाकांक्षी ग्रोथ लक्ष्यों को पूरा करना है। Stallion India का लक्ष्य अगले तीन वित्तीय वर्षों में 30-35% का रेवेन्यू कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल करना है। कंपनी इन पहलों के माध्यम से अपने प्रॉफिट मार्जिन में 3-4% सुधार की उम्मीद भी कर रही है।
मैनेजमेंट ने बताया कि FY27 की पहली छमाही में मार्जिन पिछले साल के स्तर पर रह सकते हैं, लेकिन जैसे-जैसे नई, उच्च-मार्जिन वाली विनिर्माण इकाइयां चालू होंगी, वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही में सुधार की उम्मीद है।
प्रोजेक्ट की समय-सीमा और संभावित जोखिम
भीलवाड़ा में R-32 सुविधा FY27 की तीसरी तिमाही तक उत्पादन शुरू कर देगी। आंध्र प्रदेश और खालापूर में स्पेशियलिटी और हाई-प्योरिटी गैस विस्तार का काम भी प्रगति पर है। खालापूर में एक हीलियम प्लांट अगले महीने (मई 2026 से) चालू होने की उम्मीद है, और मुम्बट्टू सुविधा अगस्त 2026 तक चालू हो जाएगी।
चर्चाओं के दौरान, प्रोजेक्ट कमीशनिंग में देरी और सप्लाई चेन में बाधाओं जैसे संभावित जोखिमों को स्वीकार किया गया। कंपनी ने अपने पिछले प्रदर्शन और नई उत्पादन क्षमताओं के अपेक्षित प्रभाव का हवाला देते हुए अपने ग्रोथ लक्ष्यों को प्राप्त करने की चिंताओं को दूर किया।
मार्केट का संदर्भ और भविष्य की ट्रैकिंग
भारत में रेफ्रिजरेंट और एयर कंडीशनिंग का बाजार अगले दशक में सालाना 10-15% की दर से बढ़ने का अनुमान है। Stallion India इस ग्रोथ का हिस्सा हासिल करने के लिए रणनीतिक रूप से अपनी क्षमता का विस्तार कर रही है और नेट एक्सपोर्टर बनने का लक्ष्य रखती है, खासकर R-32 के लिए, यह देखते हुए कि भारत की वर्तमान R-32 निर्माण क्षमता चीन की तुलना में काफी कम है।
निवेशक भीलवाड़ा, आंध्र प्रदेश और खालापूर में नई सुविधाओं की कमीशनिंग शेड्यूल पर बारीकी से नजर रखेंगे। कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन सुधार लक्ष्यों को पूरा करने की क्षमता उसके प्रदर्शन को ट्रैक करने का एक प्रमुख फोकस रहेगी।
