स्पेशियलिटी केमिकल्स कंपनी के लिए Q2FY27 के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं। कंपनी को **₹30 करोड़** का नेट लॉस हुआ है और EBITDA मार्जिन घटकर महज **0.5%** रह गया है। लिक्विडिटी की कमी को दूर करने के लिए कंपनी **₹250 करोड़** का राइट्स इश्यू लाएगी।
मुनाफे में बड़ी सेंध
कंपनी के लिए Q2FY27 किसी झटके से कम नहीं रहा। कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 93% गिरकर सिर्फ ₹2 करोड़ रह गया है। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह 'अरोमा केमिकल्स' (Aroma Chemicals) डिवीजन में भारी नुकसान और 'दहेज' (Dahej) स्थित डाइफेनॉल प्लांट का बंद होना है। खराब नतीजों के चलते मैनेजमेंट ने ₹2,000 करोड़ की FY27 रेवेन्यू गाइडेंस को भी वापस ले लिया है।
क्यों आया राइट्स इश्यू का फैसला?
कंपनी फिलहाल भारी लिक्विडिटी दबाव और ट्रेड क्रेडिट पेनल्टी से जूझ रही है। इस संकट से निकलने के लिए बोर्ड ने ₹250 करोड़ के राइट्स इश्यू को मंजूरी दी है। अच्छी बात यह है कि कंपनी के प्रमोटर्स, जिनके पास लगभग 48% इक्विटी है, उन्होंने अपने पूरे हिस्से के लिए सब्सक्रिप्शन का भरोसा दिलाया है।
बिजनेस में बदलाव और आगे की राह
कंपनी अब अपना पूरा ध्यान 'फूड एंड पेट फूड ब्लेंड्स' (Food and Pet Food Blends) बिजनेस पर शिफ्ट कर रही है। राइट्स इश्यू से मिलने वाले पैसों का उपयोग ₹130 करोड़ के बकाया ट्रेड क्रेडिट को चुकाने में किया जाएगा। इससे कंपनी को प्रति तिमाही ₹18 करोड़ से ₹20 करोड़ (180–200 Mn) तक की पेनल्टी कॉस्ट बचाने में मदद मिलेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम
Q4FY27 के लिए कंपनी का ₹600 करोड़ का रेवेन्यू और ₹60 करोड़ EBITDA का लक्ष्य काफी चुनौतीपूर्ण है, जो पूरी तरह से इस फंड जुटाने की प्रक्रिया पर निर्भर है। कच्चे माल की बढ़ती लागत और फ्रेट चार्जेस का दबाव अभी भी बना हुआ है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।
