Shree Pushkar Share: शानदार नतीजे! कमाई **10%** बढ़ी, FY27 के लिए बढ़ाई गाइडेंस

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AuthorNeha Patil|Published at:
Shree Pushkar Share: शानदार नतीजे! कमाई **10%** बढ़ी, FY27 के लिए बढ़ाई गाइडेंस

Shree Pushkar Chemicals & Fertilisers ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में **10%** की सालाना बढ़ोतरी के साथ **₹280.10 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी ने FY27 के लिए अपनी रेवेन्यू गाइडेंस को भी ऊपर की ओर संशोधित किया है, जिससे भविष्य में ग्रोथ की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

Shree Pushkar Chemicals & Fertilisers के Q1 FY27 के नतीजे

  • रेवेन्यू: ₹280.10 करोड़ (10% सालाना बढ़ोतरी)
  • PAT: ₹22.9 करोड़ (9.4% सालाना बढ़ोतरी)

मुख्य बातें: बेहतर रियलाइजेशन ने वॉल्यूम की गिरावट को संभाला; एक्सपैंशन प्रोजेक्ट्स से पॉजिटिव आउटलुक।

क्या हुआ?

Shree Pushkar Chemicals & Fertilisers ने FY27 की पहली तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹280.10 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 10% ज़्यादा है। वहीं, पिछली तिमाही से तुलना करें तो इसमें 28.4% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 9.4% बढ़कर ₹22.9 करोड़ हो गया। फर्टिलाइजर की बिक्री से ₹142 करोड़ (कुल बिक्री का 51%) आए, जो 4% YoY बढ़ी है। वहीं, केमिकल की बिक्री से ₹138 करोड़ (कुल बिक्री का 49%) मिले, जिसमें 17.10% की YoY बढ़ोतरी हुई।

क्यों महत्वपूर्ण है?

कंपनी ने FY27 के लिए अपनी रेवेन्यू गाइडेंस को बढ़ाकर ₹1,350-1,400 करोड़ कर दिया है, जो पहले ₹1,250 करोड़ थी। इसके साथ ही, रत्नागिरी यूनिट्स 5 और 6 जैसे बड़े एक्सपैंशन प्रोजेक्ट्स भी लगभग पूरे होने वाले हैं। यह सब कंपनी के लिए एक मजबूत ग्रोथ का संकेत देता है। मार्जिन में सुधार की संभावना भी पॉजिटिव आउटलुक को बल दे रही है।

पुरानी कहानी

हालांकि, रेवेन्यू और प्रॉफिट में बढ़ोतरी के बावजूद, कंपनी को Q1 FY27 में बिक्री वॉल्यूम में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। फर्टिलाइजर का वॉल्यूम 66,527 MT और केमिकल का वॉल्यूम 9,113 MT रहा, जो पिछले साल से कम है। इसका कारण ग्लोबल सप्लाई चेन की दिक्कतें और कच्चे माल, खासकर सल्फर की कीमतों में भारी उछाल (जो $250-300 से बढ़कर $1,100 प्रति टन हो गया) के कारण इन्वेंटरी होल्ड करने का फैसला था। वर्किंग कैपिटल और कच्चे माल की लागत को मैनेज करने के लिए एसिड प्लांट्स को कम क्षमता पर चलाया गया।

अब क्या बदलेगा?

जैसे-जैसे डिमांड सामान्य होगी और मार्जिन सुधरेगा, एसिड प्लांट्स की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, रत्नागिरी यूनिट्स के चालू होने वाले ट्रायल्स के बाद, कंपनी को वॉल्यूम में रिकवरी और कैपेसिटी यूटिलाइजेशन में सुधार की उम्मीद है। लोते परशुराम में भविष्य के विस्तार के लिए 30,000 वर्ग मीटर ज़मीन का अधिग्रहण भी कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ प्लानिंग को मज़बूत करता है।

ध्यान रखने योग्य रिस्क

रेवेन्यू गाइडेंस में यह बढ़ोतरी रत्नागिरी यूनिट्स 5 और 6 के समय पर चालू होने और उनके सफल स्थिरीकरण पर बहुत निर्भर करती है। कच्चे माल, विशेष रूप से सल्फर की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतें और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को प्रभावित कर सकता है।

आगे क्या देखें?

निवेशक रत्नागिरी यूनिट्स 5 और 6 के कमीशनिंग टाइमलाइन और ऑपरेशनल रैंप-अप पर बारीकी से नज़र रखेंगे। कच्चे माल की कीमतों के ट्रेंड्स और लागत को आगे बढ़ाने की कंपनी की क्षमता पर भी नज़र रखना महत्वपूर्ण होगा। साथ ही, कंपनी का अपनी संशोधित FY27 रेवेन्यू टारगेट की ओर बढ़ना एक अहम इंडिकेटर होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.